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बाढ़ ने रोक दी दूल्हे राजा की राह तो नाव पर निकाली बारात... बारिश के बीच उफान पर है गंडक नदी

बिहार के गोपालगंज (Gopalganj) में बारिश के बाद बाढ़ के हालात हैं. यहां एक युवक को अपनी शादी में नाव पर सवार होकर जाना पड़ा. यह मामला मझागढ़ थाना इलाके के निमुइया पंचायत के भृगुन राउत के टोला का है. यहां बारातियों और दूल्हे को अपने घर से नाव की सवारी करके दो किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी.

बाढ़ की वजह से नाव पर निकालनी पड़ी बारात. (Source: META AI) बाढ़ की वजह से नाव पर निकालनी पड़ी बारात. (Source: META AI)
सुनील कुमार तिवारी
  • गोपालगंज,
  • 10 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 8:05 AM IST

Bihar News: हर किसी के लिए शादी की उमंग अलग ही होती है. जब दूल्हे सज धजकर तैयार होते हैं तो बारात निकालने के लिए घोड़ा या कार पर सवार होते हैं, लेकिन बिहार में दूल्हे के साथ बारातियों को घर से निकलते ही नाव की सवारी करनी पड़ी. इसके बाद करीब दो किलोमीटर तक नाव चली, तब कहीं जाकर सड़क मिली और सभी वाहन पर सवार हुए.

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दरअसल, यह वाकया गोपालगंज जिले के माझागढ़ थाना के निमुइया पंचायत के भृगुन राउत टोला गांव का है. यहां दो दिन पहले गंडक नदी में बाढ़ आ गई थी. इसकी वजह से निमुइया पंचायत पूरी तरह से प्रभावित हो गई. गांव के लोगों का आना जाना दूभर हो गया. घरों के बाहर पानी भरा हुआ था.

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इस गांव के विकाश यादव की शादी थी, जिसकी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. इसी बीच बाढ़ ने रास्ता रोक दिया तो नाव से जाने का फैसला किया गया. दूल्हे विकास के साथ बाराती नाव में सवार हुए और करीब दो किलोमीटर तक नाव चली.

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दो किलोमीटर बाद नाव से उतरने के समय विकास कैमरा देखते ही शरमा गए और तेजी से भाग कार में जाकर बैठ गए. विकास की शादी पूर्वी चंपारण के मलाही गांव में होनी थी, जहां बारात जा रही थी. विकास को अंदाजा नहीं होगा कि बाढ़ की वजह से बारात नाव पर ले जानी पड़ेगी. विकास की दुल्हन को भी विदाई के बाद घर पहुंचने के लिए नाव की सवारी करनी पड़ेगी.

निमुइया से सरपंच चंद्रिका यादव ने कहा कि दूल्हा विकाश यादव की शादी है. बारात लेकर पूर्वी चंपारण के मलाही गांव जा रहे हैं. अचानक बाढ़ आ जाने के कारण घर भीरगुन राउत टोला से गौसिया तक नाव की सवारी करनी पड़ी है, क्योंकि नाव के अलावा दूसरा कोई साधन नहीं है. नाव से बारात ले जाना अच्छा तो नहीं लग रहा, पर मजबूरी है. कल विदाई कराकर लौटने पर दुल्हन भी नाव से ही घर जाएगी.

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