
Imamganj ByElection Result: बिहार की चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा गया के इमामगंज सीट की ही थी जहां से हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने जीत हासिल की है. इस सीट पर जीतनराम मांझी की बहू दीपा मांझी विजयी हुईं हैं.
दीपा मांझी ने इस सीट पर 5945 वोटों के अंतर से RJD उम्मीदवार रौशन मांझी को शिकस्त दी है. उन्हें कुल 53435 वोट मिले हैं. पहली बार चुनाव में उतरी जन सुराज पार्टी इमामगंज में 37103 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रही. दीपा मांझी को टिकट दिए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री मांझी पर परिवारवाद के आरोप भी लगे थे जिस पर उन्होंने सफाई भी दी थी.
हालांकि अब उनका यह फैसला सही साबित हुआ है. बता दें कि जीतन राम मांझी जहां केंद्रीय मंत्री हैं वहीं उनके बेटे संतोष सुमन एमएलसी और बिहार सरकार में मंत्री हैं. अब उनकी बहू भी विधायक बन गई हैं.
Live Updates
- इमामगंज से जीतनराम की बहू दीपा मांझी ने दर्ज की जीत, 5945 वोटों के अंतर से RJD प्रत्याशी रौशन मांझी को दी मात
- इमामगंज में जीतनराम मांझी की बहू दीपा मांझी ने 5563 वोटों की बनाई बढ़त, पिछड़े आरजेडी के रौशन मांझी
हम - दीपा मांझी- 51150 वोट
आरजेडी - रौशन मांझी - 45587 वोट
जन सुराज जितेंद्र पासवान -36474 वोट
- इमामगंज में जीतनराम मांझी की बहू दीपा मांझी ने 3858 वोटों की फिर बनाई बढ़त, पिछड़े आरजेडी के रौशन मांझी
हम - दीपा मांझी- 34117 वोट
आरजेडी - रौशन मांझी - 30259 वोट
जितेंद्र पासवान - 25123 वोट
- इमामगंज विधानसभा सीट पर पिछड़ी जीतनराम मांझी की बहू दीपा मांझी, आरजेडी के रौशन प्रत्याशी निकले आगे
* रौशन मांझी (आरजेडी) - 6135 मत
* जितेन्द्र पासवान (जनसुराज) - 4165 मत
* दीपा मांझी (हम) - 3387 मत
- इमामगंज विधानसभा सीट पर पहले राउंड में जीतनराम मांझी की बहू दीपा मांझी 1600 वोटों से आगे
* दीपा मांझी (हम) - 8464 वोट
* रौशन मांझी (आरजेडी) - 6864 वोट
* जितेंद्र प्रसाद (जन सुराज) - 3200 वोट
- इमामगंज में पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू
- मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के लिए भारी संख्या में बिहार पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.
- गया कॉलेज में मतगणना के लिए 28 टेबल बनाए गए हैं. बेलागंज और इमामगंज का मतगणना 11 राउंड में पूरा होगा.
- इमामगंज में जीतनराम मांझी की बहू और आरजेडी प्रत्याशी रौशन मांझी के बीच मुकाबला
- मतगणना स्थल पर पुलिस का सख्त पहरा
- इमामगंज में थोड़ी देर में शुरू हो जाएगी वोटों की गिनती
प्रशांत किशोर ने भी उतारा है उम्मीदवार
इस सीट की इसलिए भी ज्यादा चर्चा है क्योंकि यहां से पहली बार चुनावी रणनीतिकार से नेता की भूमिका में आने वाले प्रशांत किशोर ने भी अपनी पार्टी का उम्मीदवार उतारा था. जन सुराज पार्टी के गठन के बाद प्रशांत किशोर की पार्टी का यह पहला चुनाव था. जुनसुराज ने इमामगंज से जितेंद्र पासवान को मैदान में उतारा था जबकि इंडिया गठबंधन की तरफ से आरजेडी ने यहां रौशन मांझी को उतारा था.
दीपा मांझी थीं सबसे मजबूत दावेदार
इमामगंज सीट की ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री जीतनराम की वजह से हो रही थी. यहां से उनकी बहू दीपा मांझी एनडीए की उम्मीदवार थीं. दीपा मांझी पढ़ाई और डिग्री के मामले में आरजेडी और जुनसुराज की प्रत्याशियों से भी आगे थीं. उन्होंने एमए तक की पढ़ाई की है जबकि उनके दोनों विरोधियों की शिक्षा केवल 12वीं तक है. इतना ही नहीं संपत्ति के मामले में भी दीपा सबसे आगे हैं और चुनाव आयोग को दिए एफिडेफिड में अपनी संपत्ति तीन करोड़ 30 लाख बताई है जबकि अन्य दोनों प्रत्याशियों की संपत्ति एक करोड़ से कम है.
इमामगंज सीट का जातीय समीकरण
अगर इमामगंज सीट के जातीय समीकरण की बात करें तो यह इलाका बिहार-झारखंड की सीमा पर है और नक्सल प्रभावित भी रहा है. यहां मुसहर जाती के वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा यानी की 18.6 फीसदी है. खास बात ये है कि जीतन राम मांझी भी मुसहर समुदाय से ही आते हैं. यहां 15.3 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं जबकि यादवों वोटरों की संख्या यहां 13.2 फीसदी हैं. यहां कुर्मी वोटरों की संख्या भी अच्छी खासी है और करीब 10.82 फीसदी कुर्मी जाति के मतदाता हैं.