
वक्फ संशोधन विधेयक पर पूरे देश में बहस देखी जा रही है. इस बीच, केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर हमला बोला है. मांझी ने लालू का वीडियो शेयर किया और दावा किया कि आरजेडी सुप्रीमो भी कड़े कानून बनाने की वकालत कर चुके हैं.
मांझी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा, वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कुछ लोग सिर्फ इसलिए कर रहें हैं क्योंकि यह कानून नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ला रही है. वैसे 2010 में लालू प्रसाद यादव जी ने वक्फ के कड़े कानून बनाए जाने की बात कही थी. मेरा INDI गठबंधन वालों से आग्रह है कि लालू जी के बातों को ध्यान से सुनें और सदन में वक्फ संशोधन बिल 2025 के पक्ष में मतदान करें.
वीडियो में क्या कह रहे हैं लालू?
मांझी ने जो वीडियो शेयर किया है, उसके मुताबिक यह वीडियो 7 मई 2010 का है. इसमें लोकसभा में लालू यादव को कहते देखा जा रहा है, ''देखिए कानून बनाना चाहिए बहुत कड़ा. सारी जमीनें हड़प लीं. चाहे सरकारी हों या गैर उसमें काम करने वाले लोग हों. सब कुछ बेच दिया है. प्राइम लैंड. ऐसा नहीं है कि कोई खेती वाली जमीन हो. पटना के डाक बंगला पर जितनी प्रॉपर्टी थी, सब पर अपार्टमेंट बन गया है. सब लोगों ने लूट-लाट लिया है. आगे से... खैर आज तो लाइए, इसको पास हम लोग करते हैं संशोधन आपका. लेकिन आगे से कड़ाई के साथ जो भी प्रक्रिया बना रहे हैं.''
मांझी ने कहा- 'मोदी है तो सबकुछ मुमकिन है'
इससे पहले मंगलवार को मांझी ने एक्स पर लिखा, वक्फ संशोधन बिल 2025 कई राजनैतिक दलों के सपनों को चकनाचूर कर देगा. जो दल अभी तक वक्फ बिल को लेकर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रहे थे, उन्हें हमारी सरकार करारा जवाब देने जा रही है. वक्फ संशोधन बिल जिस दिन पास होगा, उस दिन देश के हर मुसलमान कहेंगे- 'मोदी है तो सबकुछ मुमकिन है.' धन्यवाद- नरेंद्र मोदी जी, देश का हर तबका आपके साथ है.
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी पुराना वीडियो पोस्ट किया और लिखा, लालू यादव जी ने 2010 में संसद में स्वीकार किया था कि वक्फ बोर्ड में जमीन कब्जा के नाम पर भारी लूट-पाट चल रही है.
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश
इससे पहले बुधवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन अधिनियम को लोकसभा के पटल पर रखा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रिजिजू को विधेयक पेश करने के लिए आमंत्रित किया, जिस पर कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल राव ने आपत्ति जताई. बिरला ने कहा, मैंने बिना किसी भेदभाव के दोनों पक्षों के संशोधनों के लिए बराबर समय सुनिश्चित किया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक का बचाव किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से पहले संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा जांचा गया है, जिसमें सुझावों को शामिल किया गया है. शाह ने कहा, हम कांग्रेस कमेटी की तरह नहीं हैं, जो महज रबर स्टैंप है. हमारी कमेटी ने गहन चर्चा और विचार-विमर्श किया.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, मैं दोनों सदनों से संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्यों को बधाई देना चाहता हूं. कुल मिलाकर 284 प्रतिनिधिमंडलों, 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों ने जेपीसी में अपना सबमिशन दिया. रिजिजू का कहना था कि जब हम सकारात्मक सुधार पेश कर रहे हैं तो हमसे सवाल क्यों किए जा रहे हैं? लोगों को गुमराह किया जा रहा है और भड़काया जा रहा है.