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ससुर के सामने पत्नी को जिंदा जलाकर उतारा था मौत के घाट, 4 साल बाद दामाद को उम्रकैद

बिहार के मुजफ्फरपुर में पंचम जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सोमवार दहेज के लिए पत्नी की जलाकर हत्या करने के मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी पति गौरव ठाकुर को दोषी करार होने के बाद आजीवन कारावास की सजा दी. सजा पाने वाला आरोपी गौरव ठाकुर मुजफ्फरपुर के अहियापुर का निवासी है. उसने अपने ससुर के सामने पत्नी को जिंदा जला दिया था.

दामाद को सजा मिलने के बाद पूजा करते सुसर दामाद को सजा मिलने के बाद पूजा करते सुसर
मणि भूषण शर्मा
  • मुजफ्फरपुर,
  • 08 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 6:42 PM IST

मुजफ्फरपुर में पंचम जिला एवम सत्र न्यायाधीश ने दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जला देने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी पाया. इसके बाद उसे आजीवन उम्रकैद की सजा सुनाई. पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सुमित कुमार सुमन ने बताया कि अयोध्या के महंत राम बालक राय की बेटी अलका कुमारी की 2020 में अहियापुर के निवासी गौरव ठाकुर से शादी हुई थी. पिता के सामने ही दामाद ने बेटी की हत्या कर दी थी.

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अयोध्या के संत महंत राम बालक के दामाद ने अपनी पत्नी यानी महंत राम बालक की बेटी को उसके सामने जिंदा जला दिया था. 13 अक्टूबर 2020 को दोषी गौरव ठाकुर और उसकी पत्नी अल्पना शर्मा के बीच विवाद हुआ था. इसे सुलझाने के लिए अयोध्या से महंत राम बालक अपनी बेटी के घर आए हुए थे. इसके बाद रात में महंत राम बालक को एक कमरे मे बंद कर दमाद ने मोबाइल छीन लिया था.

फिर दूसर कमरे में उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या करने के बाद जिंदा जला दिया था.काफी देर बाद जब आसपास काफी धुआं फैला तो आसपास के लोग जुटे और स्थानीय अहियापुर थाना पहुंची तो शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था. फिर मामले की छानबीन शुरू कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इसके बाद मुजफ्फरपुर न्यायालय में चार साल तक मुकदमा चला और 08 जुलाई को आज आरोपी पति गौरव ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा हुई है.

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इसके बाद मृतका के पिता महंत राम बालक न्यायालय से रोते बाहर निकले और न्यायालय परिसर स्थित हनुमान मंदिर में भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना कर भावुक हो गए और बोलने लगे कि आज बेटी की आत्मा को शांति मिली होगी. न्यायालय से न्याय मिला. इसके लिए प्रभु श्री हनुमान जी की बड़ी कृपा हुई.

अधिवक्ता सुमित कुमार सुमन ने बताया कि ससुराल में दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल वाले हमेशा अलका को प्रताड़ित करते थे. साथ ही दहेज की मांग पूरी करने का दवाब डालते रहते थे. दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 13 अक्टूबर 2020 की रात करीब 11 बजे ससुराल में किरासन तेल छिड़क अलका के शरीर में आग लगा दी गयी. इससे उसकी मौत हो गयी.

इस संबंध में मृतका के पिता महंत राम बालक राय ने अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस मामले में दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने पति गौरव ठाकुर को दोषी करार दिया है. गौरव को दोषी करार होने के बाद सोमवार को आजीवन कारावास की सजा हुई है.

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