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NIA ने पीएफआई पटना मामले में दाखिल की एक और सप्लीमेंट्री चार्जशीट, अब तक 17 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

एनआईए ने पटना पीएफआई मामले में शनिवार को मो. रियाज मयारिफ उर्फ बबलू के खिलाफ अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. जांच एजेंसी ने आरोपी देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

NIA ने पीएफआई पटना मामले में दाखिल की एक और सप्लीमेंट्री चार्जशीट. (फाइल फोटो) NIA ने पीएफआई पटना मामले में दाखिल की एक और सप्लीमेंट्री चार्जशीट. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • पटना,
  • 17 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 6:11 PM IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) की अनलॉफुल एंड एंटी नेशनल एक्टिविटी से संबंधित पटना मामले में एक और आरोपी के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की है.

एनआईए ने शनिवार को मो. रियाज मयारिफ उर्फ बबलू के खिलाफ आईपीसी और यूएपीए कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है. वह इस मामले में 17वां आरोपी है, जिसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है. इस मामले में अब तक 40 लोगों की संलिप्तता का खुलासा हो चुका है.

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देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था आरोपी: NIA

एनआईए की जांच से पता चला है कि मो. रेयाज मोयारिफ भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की पीएफआई की साजिश में शामिल था. वो भारत सरकार द्वारा संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी पीएफआई के बैनर तले गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल था.

आरोपी सक्रिय रूप से मुस्लिम युवाओं को पीएफआई में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी बना रहा था और युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग का भी आयोजन किया था और पीएफआई के हिंसक एजेंडे, गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पैसों को भी इकट्ठा किया.

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'युवाओं को भी किया था भर्ती'

जांच में यह भी पता चला कि मो. रेयाज पीएफआई के नेताओं के निर्देशों पर काम करते हुए सनाउल्लाह, अतहर परवेज, मोहम्मद जलालुद्दीन खान के साथ मिलकर बड़े स्तर पर पीएफआई कैडरों में युवा की भर्ती की थी. उन्हें ट्रेनिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए अहमद पैलेस, फुलवारीशरीफ और पटना में किराए पर घर लिया था. साथ ही आरोपी ने बिहार में पीएफआई कैडरों के लिए अहमद पैलेस सहित कई हथियार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए.

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साजिश का हुआ पर्दाफाश

एनआईए ने आरोपियों के पास से पीएफआई का विजन दस्तावेज 'भारत में इस्लाम के शासन की ओर 2047, आंतरिक दस्तावेज: प्रसार के लिए नहीं' और अन्य आपत्तिजनक लेख जब्त किए थे. जो 'भारत को इस्लामिक स्टेट के रूप में स्थापित करने के संगठन की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हैं.

बता दें कि शुरुआत में 12 जुलाई, 2022 को 26 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था और 22 जुलाई, 2022 को एनआईए ने मामले के फिर से अपने पास दर्ज किया था.

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