
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्तार पर अब नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. कैबिनेट विस्तार में सिर्फ बीजेपी कोटे से मंत्री बनाए जाने को लेकर लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा, 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है.
कैबिनेट विस्तार पर तेजस्वी का तंज
उन्होंने कहा, भाजपा में कुछ अंदरूनी मामला रहा होगा तो विस्तार हुआ है, ये आखिरी बार है जब नीतीश कुमार कैबिनेट का विस्तार कर रहे हैं, ये मौका दोबारा नहीं आने वाला है, बिहार की जनता 2025 में NDA मुक्त सरकार बनाने जा रही है, हमें पूरा भरोसा है कि इस बार हमें मौका मिलेगा...नीतीश कुमार हमारे बुजुर्ग हैं हम उनका सम्मान करते हैं लेकिन अब वो बिहार चलाने लायक सक्षम नहीं हैं, वो थके हुए हैं. उनके पास न विजन है, न रोडमैप है, वे वही पुरानी योजनाएं चला रहे हैं... बिहार की जनता ने उन्हें 20 साल मौका दिया लेकिन अब जनता कह रही है कि बस बहुत हुआ.
बता दें कि बुधवार को बिहार में कैबिनेट विस्तार होने के बाद आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी कोटे के 7 मंत्रियों के बीच विभागों का भी बंटवारा कर दिया है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन का कद घटा दिया गया है.
विजय कुमार सिन्हा से पथ निर्माण विभाग वापस ले लिया गया है. उनकी जगह नितिन नवीन को यह विभाग सौंपा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन से दो विभाग सूचना प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन वापस ले लिए गए हैं. इनमें से एक विभाग मंटू सिंह और दूसरा विजय मंडल को दिया गया है.
बता दें कि पहले संतोष सुमन के पास तीन विभाग थे. अब उनके पास केवल लघु जल संसाधन विभाग बचा है. मंत्रालयों के आवंटन के तहत संजय सरावगी को राजस्व और भूमि सुधार विभाग सौंपा गया है.
इस विस्तार के साथ नीतीश मंत्रिमंडल अपनी फुल कैपिसिटी में आ गई और उम्मीद है अगले 8-9 महीनों में 50 हजार करोड़ से अधिक की योजनाएं धरातल पर नजर आएंगी, जिसमें दक्षिण बिहार की 30 हजार करोड़ की 120 योजनाएं और उत्तर बिहार की 20 हजार करोड़ की 187 योजनाओं की कैबिनेट मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है.