
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पटना में एसआई आत्महत्या मामले में राज्य सरकार पर निशाना साधा. दिल्ली जाने से पहले पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी नाकामी छुपाने के लिए केस पर पर्दा डाल रही है. इस दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला.
तेजस्वी यादव के बयान 'राम मंदिर बनाने से अच्छा होता है कि हॉस्पिटल या स्कूल बनवा देते' के जवाब में उन्होंने कहा कि हिंदुओं की आस्था पर प्रहार कर रहे हैं. अगर ऐसी बात थी तो वो तिरुपति बालाजी क्यों गए थे. तेजस्वी मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं.
'परिवार को खुश करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे'
उन्होंने कहा कि राम तो राम हैं. ये लोग तुष्टिकरण की नीति की तहत ऐसा कह रहे हैं. इसी तरह की नीति आजादी की लड़ाई के समय देखने को मिली थी. जिसका परिणाम यह हुआ कि देश का बंटवारा हो गया था. राम देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने आगे कहा कि तेजस्वी की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है. अपने वोट और परिवार को खुश करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं. बिहार सरकार में स्थिति भयावह हो गई है. तेजस्वी मुख्यमंत्री को मनाने सीएम आवास पहुंचे थे. कितनी असहजता है, इससे हमें कोई मतलब नहीं. ये सब जनाधार खोई हुई पार्टिया हैं.
'देवी-देवताओं को अपमानित करने की होड़ लगी हुई है'
इस दौरान उन्होंने एनसीपी विधायक जितेंद्र के बयान 'भगवान राम मांसाहारी थे' पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में देवी-देवताओं को अपमानित करने की होड़ लगी हुई है. जनता उन्हें सबक सिखाएगी. बता दें कि शरद पवार गुट के एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया था.
जितेंद्र आव्हाड ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि राम हमारे हैं और वह बहुजन हैं. राम शाकाहारी नहीं, मांसाहारी थे. वो शिकार करके खाते थे. उनके इस बयान को लेकर बीजेपी और अजित गुट के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी. अजित गुट की एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में आव्हाड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था.