
जन सुराज पार्टी (JSP) ने बुधवार को दावा किया कि अस्पताल के आईसीयू में आमरण अनशन पर बैठे उसके संस्थापक प्रशांत किशोर की हालत 'खतरनाक रूप से बिगड़ गई है.' मुख्य सचिव अमृत लाल मीना को ज्ञापन सौंपने के बाद JSP अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि डॉक्टरों का मानना है कि अगर किशोर सामान्य भोजन लेना शुरू नहीं करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
उन्होंने कहा, 'हमारे ज्ञापन में वे पांच मांगें शामिल हैं, जिनके लिए किशोर आमरण अनशन पर बैठे हैं. हमने यह भी कहा कि किशोर आमरण अनशन तोड़ने पर तभी पुनर्विचार करेंगे, जब इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री के साथ जल्द से जल्द बैठक तय की जाएगी.'
डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
किशोर 13 दिसंबर को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. परीक्षा में पेपर लीक होने का आरोप है. मंगलवार को उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. JSP द्वारा की गई मांगों में 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच और पिछले 10 वर्षों में हुई प्रश्नपत्र लीक जैसी अनियमितताओं पर श्वेत पत्र शामिल हैं.
पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी पार्टी
पार्टी ने 18-35 आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों के लिए सहायता और सरकारी नौकरियों में राज्य के युवाओं का दो-तिहाई हिस्सा सुनिश्चित करने वाली नीति की भी मांग की. भारती ने कहा कि परीक्षा रद्द करने की मांग करते हुए पटना हाई कोर्ट में 'बहुत जल्द' एक याचिका दायर की जाएगी. उन्होंने कहा, 'हम इस मुद्दे पर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं. यह अभ्यास बहुत जल्द पूरा हो जाएगा और उसके बाद हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे.'
सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में कथित तौर पर हंगामा करने के लिए किशोर और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस द्वारा तीसरी एफआईआर दर्ज किए जाने के बारे में पूछे जाने पर भारती ने कहा, 'पुलिस द्वारा अपनी तीसरी एफआईआर में लगाए गए आरोप निराधार हैं. हम इस संबंध में उचित कदम उठाएंगे.'
सोमवार को प्रशांत किशोर को पटना के गांधी मैदान से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह अनशन कर रहे थे और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.