
कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज पटना दौरे पर थे. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग कर राहुल गांधी सीधे पटना के लिए निकल गए. दरअसल राहुल गांधी को बिहार के दलित नेता और स्वतंत्रता सेनानी रहे स्व. जगलाल चौधरी जयंती समारोह में शामिल होना था. आजादी के बाद बिहार में कांग्रेस की सरकार के अंदर कैबिनेट मंत्री रहे स्वर्गीय जगलाल चौधरी की जयंती उनकी पार्टी ने बड़े पैमाने पर पटना के एसके मेमोरियल हॉल में आयोजित की थी.
जयंती समारोह के मंच से राहुल गांधी ने जगलाल चौधरी को याद करते हुए संघ और बीजेपी के विचारधारा के खिलाफ लड़ने का ऐलान किया. लगभग डेढ़ घंटे तक राहुल गांधी एसके मेमोरियल हॉल के मंच पर रहे और इस दौरान उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के साथ-साथ बीजेपी और संघ पर जमकर निशाना साधा. राहुल गांधी ने जाति जनगणना के सवाल को एक बार फिर से उठाया लेकिन राहुल जब एसके मेमोरियल हॉल से रवाना हुए तो जो खबर सामने आई वह राहुल के इस दौरे पर बड़ा सवाल खड़ा कर गई.
स्व. जगलाल चौधरी के बेटे को झेलना पड़ा अपमान
दरअसल उनकी पार्टी ने स्वर्गीय जगलाल चौधरी की जयंती समारोह का आयोजन तो किया लेकिन जगलाल चौधरी के बेटे को कार्यक्रम में बुलाने तक की जहमत नहीं उठाई. स्व. जगलाल चौधरी के बेटे भूदेव चौधरी अपने पिता की जयंती समारोह में शामिल होने के लिए खुद पहुंचे भी तो उन्हें राहुल गांधी से मिलने से रोक दिया गया. भूदेव चौधरी को मंच पर भी चढ़ने नहीं दिया गया.
तैयारी थी दलित सम्मान के बहाने इसी साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दलितों को गोलबंद करने की लेकिन इसके बजाय राहुल गांधी के कार्यक्रम में स्व. जगलाल चौधरी के ही बेटे को अपमान झेलना पड़ा. राहुल गांधी के पटना से रवाना होने के बाद भूदेव चौधरी ने अपनी आप बीती खुद मीडिया को बताई. उन्होंने बताया कि वह कार्यक्रम में इसलिए शामिल होने गए थे क्योंकि उनके पिता की 130वीं जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा था. वह राहुल गांधी से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें मिलने से रोक दिया गया. बुजुर्ग होने की वजह से वह सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते थे लेकिन उन्होंने मंच पर जाने की कोशिश की. इसके बावजूद उन्हें मंच पर जाने से भी रोक दिया गया.
कौन थे स्व. जगलाल चौधरी?
जगलाल चौधरी बिहार के चर्चित स्वतंत्रता सेनानी थे. वह पासी समाज से आते थे. दलित तबके से आने के बावजूद वह बापू और अंबेडकर के सिद्धांतों पर चले और बिहार में आजादी के बाद बनने वाली कांग्रेस की पहली सरकार के अंदर कैबिनेट मंत्री भी बने. छुआछूत को लेकर उन्होंने उस दौर में सत्याग्रह आंदोलन तक खड़ा किया था. बिहार में पहली दफा आजादी के बाद शराबबंदी लागू करने का श्रेय भी जगलाल चौधरी को ही जाता है. उन्होंने अपने सारण जिले के साथ-साथ आसपास के कुल 5 जिलों में जन जागरण के जरिए शराबबंदी लागू कराई थी.
बीजेपी और जेडीयू ने साधा निशाना
अब इस मामले को लेकर विरोधियों ने कांग्रेस और राहुल गांधी को घेर लिया है. बीजेपी और जेडीयू दोनों ने एक साथ राहुल गांधी पर निशाना साधा है. एनडीए के दोनों घटक आरोप लगा रहे हैं कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी कभी दलितों का सम्मान कर ही नहीं सकते. जिस तरह स्वर्गीय जगलाल चौधरी के बेटे को कार्यक्रम से दूर रखा गया वह बताता है कि कांग्रेस की मानसिकता क्या है और वह दलितों के नाम पर केवल राजनीति करती है.