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बिहार के गया के मानपुर रेलखंड क्षेत्र में वंदे भारत एक्सप्रेस के दो ट्रेनों पर पथराव करने वाले दो आरोपियों को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया है. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया है. उन्होंने बताया कि वे अन्य ट्रेनों को भी निशाना बनाने वाले थे. रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता के कारण अन्य ट्रेनें शिकार बनने से बच गईं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गया के मानपुर निवासी विकास कुमार और मनीष कुमार के रूप में हुई है.
दरअसल, 16 नवंबर को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर शिकायत मिली थी कि ट्रेन संख्या 20894 डाउन (पटना टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस) और ट्रेन संख्या 22304 डाउन (गया हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस) पर गया से ट्रेन खुलने के बाद मानपुर रेलखंड के बीच अज्ञात लोगों ने पथराव किया है. पत्थरबाजी में ट्रेन की खिड़की का शीशा टूट गया.
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घटना की सूचना मिलने के बाद गया आरपीएफ ने एक विशेष टीम गठित कर घटनास्थल के पास छापेमारी की. इस दौरान मनीष कुमार उर्फ बादल (20) और विकास कुमार उर्फ सुपर (20) को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और दोनों जमानत पर रिहा होकर बाहर आए थे.
रेलवे ने की ये अपील
सहायक अवर निरीक्षक रामसेवक द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर मामले की जांच की गई और रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 147 दर्ज की गई. मामले की जांच उप निरीक्षक राज किशोर सिंह आरपीएफ ओपी मानपुर कर रहे हैं. इस बीच रेलवे ने अपील की है कि किसी भी कारण से चलती ट्रेनों पर पथराव करने की कोशिश करना आपराधिक कृत्य है. राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और अपराधी बच नहीं पाएंगे. सीसीटीवी कैमरे और अन्य कैमरों से जांच कर और यात्रियों से फीडबैक लेकर ट्रेनों पर पथराव करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने कही ये बात
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक सूचना एवं प्रचार दिलीप कुमार ने कहा कि भारतीय रेल राष्ट्रीय संपत्ति है. गाड़ियों की रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने-अपने गांव और शहर में चलती रेलगाड़ियों पर पत्थरबाजी करने वाले लोगों को चिह्नित करें और इसकी सूचना रेल सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस को दें.