
बिहार के सुपौल में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत कोसी नदी पर देश का सबसे लंबा सड़क पुल बन रहा है. इसकी स्लैब गिरने से अफरा-तफरी मच गई. हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, वहीं 10 मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटना सुपौल सदर प्रखंड के कोसी नदी के बीच में मरिचा गांव के समीप की है, जहां पुल का स्पाइन गिरा है.
सुपौल जिलाधिकारी ने 1 मजदूर की मौत और 10 मजदूरों के घायल होने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि घायल मजदूर खतरे के बाहर हैं. बिहार सरकार के पीएचडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू पुल के गिरने की खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंचे. उन्होंने दुर्घटना का जायजा लिया. मंत्री ने कहा कि यह पुल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है. घटना की जांच कर दोषियों पर करवाई की जाएगी.
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देश के सबसे बड़े पुल का नदी में लंबाई 10.2 किलोमीटर है, जबकि अप्रोच रोड के साथ इस पुल की लंबाई 13.2 किलोमीटर है. यह देश का सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पुल बताया जा रहा है. पुल का पूर्वी छोर सुपौल जिले के बकोर से पश्चिमी छोर मधुवनी जिले के भेजा गाव तक जुड़ा हुआ है.
3.5 साल में बनना है पुल, लागत 1,286 करोड़ रुपये
यह पुल मिथिलांचल और कोसी के साथ पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने वाला देश का सबसे बड़ा पुल है. इस पुल का निर्माण 3.5 साल में पूरा होने की बात कही जा रही है. केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बनने वाले इस पुल की अप्रोच रोड सहित कुल लगात 1,286 करोड़ रुपए है. सिर्फ पुल की लागत है 984 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
दो महीने से पुल निर्माण का काम कर रहा था विपिन
मृतक मजदूर की पहचान सुपौल जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पंचगछिया के रहने वाला 27 साल के विपिन यादव के रूप में हुई है. वह बीते 2 महीने से यहां काम कर रहा था. विपिन की 6 साल पहले देव रानी देवी के साथ शादी हुई थी. उसका तीन साल का एक बेटा और एक साल की एक बेटी है. मृतक के परिजन स्ट्रेटर सहित शव को अस्पताल परिसर के बाहर ले कर चले गए. अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही एनएच 327 ए को जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी. परिजन पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा की मांग कर रहे थे.
परिजनों ने अस्पताल के सुरक्षा गार्ड को पीटा
मृतक के भाई धर्मेंद्र यादव ने बताया कि जब तक जिलाधिकारी खुद आकर मुआवजा का ऐलान नहीं करेंगे, हंगामा जारी रहेगा. इस बीच सदर अस्पताल के कुछ सुरक्षा गार्ड शव को वापस अंदर ले जाने कोशिश करने लगे. इस दौरान पहले सुरक्षा गार्ड एवं परिजनों के बीच शव को लेकर खींचातानी हुई और फिर अचानक मृतक के परिजनों ने सुरक्षा गार्ड की जमकर पिटाई कर दी.
10 लाख का चेक मिलने के बाद शांत हुआ हंगामा
परिजनों का हंगामा बढ़ता देख एडीएम राशिद कलीम अंसारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया. एडीएम ने पुल निर्माण कंपनी ट्रांसलेर लाइटिंग लिमिटेड की ओर से मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए का चेक दिलवाया. यह चेक मृतक की पत्नी देव रानी देवी के नाम से जारी किया गया है. इसके बाद हंगामा शांत हुआ.