बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. मुख्यमंत्री पद को लेकर एनडीए में असमंजस की स्थिति है, जबकि नीतीश कुमार की बार्गेनिंग पावर पर चर्चा जारी है. जेडीयू के 12 सांसदों का समर्थन केंद्र के लिए अहम है. पिछड़ा वर्ग और कुर्मी वोट बैंक पर खास नजर है. महागठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं.