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Budget 2022 Digital currency: डिजिटल करेंसी का आप लोगों को क्या फायदा? जानें क्रिप्टो करेंसी से यह कैसे अलग

Union Budget 2022: बजट पेश होने के बाद डिजिटल करेंसी (digital currency) पर काफी चर्चा हो रही है. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वित्त वर्ष 2022-2023 की शुरुआत में ही RBI की डिजिटल करेंसी को लॉन्च किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये डिजिटल इकोनॉमी को बड़ा बूस्ट देगा.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:16 AM IST
  • डिजिटल करेंसी का पूरा नाम सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी है
  • डिजिटल करेंसी दो तरह की होती है- रिटेल और होलसेल

Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बजट के दौरान कई बड़े ऐलान किए. इसमें एक बड़ा ऐलान है डिजिटल करेंसी (Digital Currency) का. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल करेंसी यानी 'डिजिटल रुपी' की बात कही. वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-2023 की शुरुआत में ही RBI की डिजिटल करेंसी को लॉन्च किया जाएगा. इस पर RBI की तरफ से काम जारी है. सरकार का मानना है कि डिजिटल इकनॉमी के क्षेत्र में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा. लेकिन ये डिजिटल करेंसी क्या है. इसका इस्तेमाल कैसे होगा. इसे लेकर आमजन के मन में कई सवाल हैं. 8 प्वॉइंट में समझते हैं डिजिटल करेंसी और इसके फायदे.

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ये होती है डिजिटल करेंसी , ऐसे होता है इस्तेमाल

1- डिजिटल करेंसी का पूरा नाम सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी है
2- इसे रिजर्व बैंक जारी करता है, इसे सरकार की मान्यता मिलती है
3 - ये केंद्रीय बैंक की बैलेंसशीट में भी शामिल होती है
4 - इसकी खासियत ये है कि इसे देश की सॉवरेन करेंसी में बदला जा सकता है
5 - भारत के मामले में आप इसे डिजिटल रुपया कह सकते हैं
6 - डिजिटल करेंसी दो तरह की होती है-रिटेल और होलसेल
7 - रिटेल डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल आम लोग और कंपनियां करती हैं
8- होलसेल डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल वित्तीय संस्थाओं के ज़रिए किया जाता है

नए वित्त वर्ष की शुरुआत में लॉन्च होगी डिजिटल करेंसी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि डिजिटल करेंसी को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और दूसरी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के जरिए पेश किया जाएगा. ये डिजिटल इकोनॉमी को बिग बूस्ट देगा. साथ ही करेंसी मैनेजमेंट को ज्यादा इफीशिएंट और कम लागत वाला बनाएगा. उन्होंने कहा कि डिजिटल करेंसी  'डिजिटल रुपी' को नए वित्त वर्ष की शुरुआत में ही लॉन्च कर दिया जाएगा. 

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डिजिटल करेंसी के क्या हैं फायदे


- ये कम खर्चीली है. ट्रांजैक्शन भी तेजी से हो सकते हैं.
- डिजिटल करेंसी के मुकाबले करंसी नोट्स का प्रिटिंग खर्च और लेन-देन की लागत अधिक है
- डिजिटल करेंसी के लिए किसी व्यक्ति को बैंक खाते की जरूरत नहीं है, ये ऑफलाइन भी हो सकता है
- डिजिटल करेंसी पर सरकार की नजर रहेगी. डिजिटल रुपी की ट्रैकिंग हो सकेगी, जो कैश के साथ संभव नहीं है
- रिजर्व बैंक के हाथ में होगा कि डिजिटल रुपया कितना और कब जारी करना है.
- मार्केट में रुपए की अधिकता या कमी को मैनेज किया जा सकेगा.

डिजिटल और क्रिप्टो करेंसी में क्या अंतर है

1- डिजिटल करेंसी को उस देश की सरकार की मान्यता हासिल होती है, जिस देश का केंद्रीय बैंक इसे जारी करता है
2 - क्रिप्टो करेंसी एक मुक्त डिजिटल एसेट है, ये किसी देश या क्षेत्र की सरकार के अधिकार क्षेत्र या कंट्रोल में नहीं है
3 - बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी डिसेंट्रलाइज्ड है और किसी सरकार या सरकारी संस्था से संबंध नहीं है

RBI ने कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया

रिजर्व बैंक का प्रस्ताव है कि देश में डिजिटल करेंसी को भी बैंक नोट की परिभाषा में रखा जाए. यानी डिजिटल करेंसी को भी 'बैंक नोट' की तरह देखा जाए. इसके लिए RBI ने कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया है. सेंट्रल बैंक की डिजिटल करेंसी को ट्रांसफर करने के लिए इंटर मीडियरीज की जरूरत होगी. 

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डिजिटल रुपी से सभी पेमेंट संभव

मार्च से शुरू होने जा रहे नए वित्त वर्ष में शॉपिंग करने के लिए पर्स में कागज के नोट रखकर बाजार जाने की जरूरत नहीं होगी. क्योंकि आप डिजिटल रुपी के ज़रिए सभी तरह के पेमेंट कर सकते हैं. (आजतक ब्यूरो)

 

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