
बजट में मिडिल क्लास (Middle Class) को राहत देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 लाख तक की सलाना कमाई पर '0' टैक्स का ऐलान किया. जिसका मतलब है कि आपको 12 लाख तक की कमाई पर टैक्स नहीं देना है, लेकिन यह सभी तरह के इनकम के लिए नहीं है. कुछ इनकम को लेकर आपको यह टैक्स छूट नहीं मिलने वाली है.
अगर आपकी इनकम में स्पेशल रेट वाली आय शामिल है तो आपको टैक्स देना पड़ेगा. चाहे फिर 12 लाख या 12 लाख रुपये से कम ही इनकम क्यों न हो? ऐसे में अगर आप केवल म्यूचुअल फंड या शेयर से 12 लाख रुपये तक की कमाई करते हैं, यानी स्पेशल इनकम 12 लाख होती है तो फिर आपको न्यू टैक्स रिजीम में 4 लाख रुपये तक की बेसिक छूट के बाद बाकी रकम पर LTCG, STCG के हिसाब से टैक्स देना पड़ेगा.
इसकी वजह यह है कि इस इनकम पर आपको सेक्शन 87A के तहत आपकी टैक्स लायबिलिटी जीरो नहीं होगी. बजट 2025 में साफ किया गया है कि जिस इनकम पर स्पेशल रेट से टैक्स लगता है, उसे धारा 87A के तहत न्यू टैक्स रिजीम के तहत आयकर छूट का लाभ नहीं मिलेगा. इसमें सेक्शन 111A (शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन), सेक्शन 112 (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन) आदि के तहत कैपिटल गेन जैसी इनकम शामिल है.
किस आधार पर होगा कैलकुलेशन
हालांकि, अब आपके मन में भी यह सवाल होगा कि ये टैक्स कितना लगेगा और इसका कैलकुलेशन किस आधार पर किया जाएगा. इसे आप कुछ आसान तरीके से समझ सकते हैं. मान लीजिए आप 8 लाख रुपये की इनकम सैलरी से हो रही है. इसके अलावा, शेयर बेचकर या म्यूचुअल फंड से भी 12 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं, तो 8 लाख रुपये पर कोई टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन बाकी पूरे 12 लाख पर स्पेशल रेट के तहत टैक्स देना होगा. इसमें LTCG पर 12.50% और STCG पर 20% के हिसाब से टैक्स लगेगा.
शेयर या म्यूचुअल फंड से कमाई होने पर कितना टैक्स?
लेकिन अगर आप सिर्फ 12 महीने के अंदर शेयर या म्यूचुअल फंड से 12 लाख रुपये तक प्रॉफिट कमाते हैं तो इसपर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा. इस कमाई पर सबसे पहले न्यू टैक्स स्लैब के हिसाब से बेसिक छूट 4 लाख रुपये घटाई जाएगी. यानी आपको 8 लाख रुपये पर 20 फीसदी STCG देना होगा.
12 महीने से ज्यादा वक्त तक रखने के बाद स्टॉक या म्यूचुअल फंड बेचने पर टैक्स?
अगर आप कोई शेयर या फंड 12 महीने से ज्यादा वक्त तक रखते हैं और फिर उसे बेचते हैं, जिससे आपका प्रॉफिट 12 लाख रुपये होता है. ऐसे में 12 लाख रुपये में से पहले 1 लाख 25 रुपये कम किए जाएंगे, क्योंकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के तहत 1.25 लाख रुपये तक प्रॉफिट पर छूट दिया गया है. इसके बाद New Tax Slab में बेसिक छूट 4 लाख रुपये कम किए जाएंगे. इसका मतलब है कि अब आपको सिर्फ 6 लाख 75 हजार रुपये पर 12.5 फीसदी का टैक्स देना होगा.
इसका मतलब है कि अगर आपकी कोई सैलरीड इनकम नहीं है, और आप शेयर या म्यूचुअल फंड से लॉन्ग टर्म में 12 लाख रुपये सालाना की कमाई करते हैं तो आपको इस कैलकुलेशन के आधार पर 84,375 रुपये का टैक्स देना होगा.
स्पेशल रेट वाली इनकम
इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट के मुताबिक, कैपिटल गेन, लॉटरी या स्पेशल रेट पर रिबेट छूट नहीं दिया जाता है. यह केवल धारा 115BAC के तहत स्लैब के अनुसार देय टैक्स पर उपलब्ध है. धारा 87ए के तहत टैक्सपेयर्स को ओल्ड टैक्स रिजीम में 5 लाख रुपये तक की इनकम पर छूट मिलती है जिसे न्यू टैक्स रिजीम में अब 12 लाख रुपये कर दिया गया है. ओल्ड टैक्स रिजीम में धारा 87ए के तहत टैक्स रिबेट की अधिकतम राशि 12,500 रुपये है और न्यू टैक्स रिजीम के तहत इसे बढ़ाकर 60,000 रुपये करने का प्रस्ताव है.