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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 'विकसित भारत @2047' और 'आत्मनिर्भर' सशस्त्र बलों के विजन को साकार करने के लिए भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रक्षा मंत्रालय को 6,81,210.27 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. यह वित्त वर्ष 2024-25 के बजटीय अनुमान से 9.53% ज्यादा है और यह केंद्रीय बजट का 13.45% हिस्सा है, जो कि सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है.
इस बजट में से 1,80,000 करोड़ रुपये, यानी कुल आवंटन का 26.43% रक्षा सेवाओं के पूंजीगत व्यय पर खर्च किया जाएगा. सशस्त्र बलों के राजस्व मद के लिए 3,11,732.30 करोड़ रुपये, निर्धारित किया गया है, जो कुल आवंटन का 45.76% है. रक्षा पेंशन के लिए 1,60,795 करोड़ रुपये यानी 23.60% आवंटित किए गए हैं, जबकि बाकी 28,682.97 करोड़ रुपये यानी 4.21% रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नागरिक संगठनों के लिए आवंटित किए गए हैं.
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आर्म्ड फोर्सेज के मॉर्डनाइजेशन के लिए बजट आवंटन
मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 को 'Year Of Reforms' घोषित किया है. सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए सरकार की कोशिशों को बल मिलेगा. इस आवंटन के इस्तेमाल से रक्षा खरीद प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा. बजट में 1,48,722.80 करोड़ रुपये कैपिटल एक्वीजिश के लिए, जिसके तरहत आर्म्ड मॉर्डनाइजेशन को बढ़ावा दिया जाएगा. इनके अलावा बाकी बची 31,277 करोड़ रुपये की राशी का रिसर्च और डेवलपमेंट, और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खर्च किया जाएगा.
रक्षा बजट में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन का बजट बढ़ाकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 26,816 करोड़ रुपये किया गया है. बीते वित्त वर्ष में ग 23,855 करोड़ रुपये रहा था. मसलन, इसमें 12.41 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. इसमें से 14,923.82 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर और R&D प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जाएंगे.
रक्षा मंत्री ने वित्त मंत्री को दिया धन्यवाद
दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए बजट पेश करने पर बधाई दी. उन्होंने कहा, "यह बजट युवाओं, गरीबों, किसानों, महिलाओं और समाज के अन्य सभी वर्गों के विकास को बढ़ावा देगा. मध्यम वर्ग के योगदान को मान्यता देते हुए, बजट ने अभूतपूर्व उपहार दिया है."
एआई, साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए डोमेन में निवेश की योजना
इस बजट से मुख्य अधिग्रहण, जैसे लंबी दूरी के रिमोटली पायलटेड वाहनों, नेक्स्ट जेनरेशन की पनडुब्बियों और डेक-आधारित विमानों की खरीद की जाएगी. इसके अलावा, यह आवंटन साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए डोमेन में निवेश की योजना और उभरती टेक्नोलॉजी जैसे एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को प्रोत्साहित करने के लिए भी किया जाएगा. इन सबके अलावा, बढ़े हुए बजट से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होगी और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न होंगे.
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सशस्त्र बलों के कर्मियों के वेतन और भत्तों और अन्य चुकता करने के लिए 3,11,732.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो वित्त वर्ष 2024-25 के बजटीय आवंटन से 10.24% अधिक है. मौजूदा बजट को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा बजट आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने के लिए तैयार है.