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मिडिल क्लास को बजट में मिली टैक्स छूट का दिल्ली चुनाव पर कितना असर? नेताओं ने दिया जवाब

बजट में हुए ऐलान को अमित मालवीय ने मिडिल क्लास के बीच बीजेपी की अपील को मजबूत करने वाला बताया. वहीं AAP और कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि बीजेपी ने राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए बजट का इस्तेमाल किया है और चुनाव में इससे कुछ फायदा होने वाला नहीं है.

दिल्ली चुनाव में बजट का कितना असर दिल्ली चुनाव में बजट का कितना असर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:47 PM IST

बजट 2025 में सरकार ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है और इसके अलावा भी कई अहम ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से किए गए हैं. बजट में 12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया है और दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, केंद्र सरकार के इस फैसले का श्रेय खुद ले रही है. AAP का कहना है कि दिल्ली चुनाव और दबाव की वजह से सरकार ने बजट में ये ऐलान किया है. इस दावे का जवाब देते हुए इंडिया टुडे-बिजनेस टुडे 'बजट राउंडटेबल' में बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि अरविंद केजरीवाल बोलते बहुत ज्यादा हैं और करते बहुत कम हैं.

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'सरकार ने किए बड़े टैक्स सुधार'

बीजेपी नेता मालवीय ने कहा कि टैक्स छूट के अलावा भी इस बजट में कई अहम फैसले लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि नए टैक्स स्लैब के जरिए लोगों की ज्यादा बचत हो सकेगी और उन्हें कम टैक्स देना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि डायरेक्ट टैक्स के अलावा भी इनडायरेक्ट टैक्स में भी लोगों को राहत दी गई है. किसी भी सरकार ने दोनों तरह के टैक्स सिस्टम में अब तक इतना बड़ा सुधार नहीं किया था. इसके अलावा सरकार में जनहित से जुड़ी हर योजना पर सूझबूझ के साथ खर्च किया जा रहा है ताकि अर्थव्यवस्था पर किसी तरह का बोझ न पड़े. उन्होंने कहा कि इस बजट में अर्थव्यवस्था के हर पहलू का ध्यान रखा गया है.

क्या बजट में हुए ऐलान से दिल्ली चुनाव में बीजेपी को फायदा होगा? इस सवाल का जवाब देते हुए आम आदमी पार्टी के नेता जैस्मीन शाह ने कहा कि देश का मिडिल क्लास बीजेपी के झांसे में आने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि दो फीसदी लोग देश में इनकम टैक्स भरते हैं जबकि हर कोई जीएसटी, वैट जैसे टैक्स भरता है. ऐसे में दो फीसदी लोगों को दी गई लॉलीपॉप से इतनी बड़ी तादाद में मिडिल क्लास को कोई फायदा नहीं होने वाला है. जैस्मिन ने कहा कि इतिहास में पहली बार जरूरी सामानों पर जीएसटी लगाई जा रही है और ऐसे इनडायरेक्ट टैक्स की रेट लगातार बढ़ रही है. पेट्रोल-डीजल पर भी लगातार टैक्स बढ़ा है.

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'गिरता निवेश चिंता का विषय'

जैस्मीन शाह ने कहा कि इस बजट में अर्थव्यवस्था की कमजोर हालत में कोई ध्यान ही नहीं दिया गया है. हमारी विकास दर 6 फीसदी से आसपास अटक गई है और इस बड़ी समस्या को लेकर बजट में कुछ भी नहीं किया गया है. इसके अलावा देश में निवेश में लगातार गिर रहा है, प्राइवेट इनवेस्टमेंट के अलावा FDI भी 16 साल के निचले स्तर पर है. निवेश का गिरना इस बात का साफ संकेत हैं कि देश में कानून का राज नहीं बल्कि बीजेपी की तानाशाही चल रही है और ऐसे में हर कोई यहां निवेश करने से डर रहा है. बिना बीजेपी के मिलीभगत के कोई फैसले नहीं लिए जा रहे हैं.

कांग्रेस प्रोफेशनल विंग और डेटा एनालिटिक्स के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि टैक्स में मिली छूट का फायदा देश के सिर्फ 15 लाख परिवार को होने वाला है. उन्होंने कहा कि पिछले बजट में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप देने का ऐलान हुआ था, लेकिन इस बार वित्त मंत्री ने उस पर एक शब्द तक नहीं बोला, देश में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है और ऐसे में हम उन्हें किनारे करके विकास की बात कैसे कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि देश के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर तक का मानना है कि देश में प्राइवेट इनवेस्टमेंट घटा है.

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'जीएसटी रेट कम होना जरूरी'

प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि इनकम टैक्स में राहत देने से तब तक कोई फायदा नहीं है जबकि तक सरकार जीएसटी की दरें नहीं घटाती है. उन्होंने कहा कि देश में प्रत्यक्ष कर सिर्फ 35 फीसदी है जबकि इनडायरेक्ट टैक्स 65 फीसदी, दुनिया की हर बड़ी अर्थव्यवस्था में टैक्स सिस्टम इससे ठीक उलट है. प्रवीण ने कहा कि वित्त मंत्री अब भी अर्थव्यवस्था की पुरानी बोट पर सवार हैं जबकि समय की मांग है कि हमें अब 1991 जैसे सुधारों की जरूरत है, इसके बिना अर्थव्यवस्था को मजबूती नहीं मिल सकती है. 

दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले बजट में हुए ऐलान को अमित मालवीय ने मिडिल क्लास के बीच बीजेपी की अपील को मजबूत करने के तरीके के रूप में देखा, जबकि प्रवीण चक्रवर्ती और जैस्मिन शाह ने बीजेपी पर राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए बजट का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. चक्रवर्ती ने कहा कि यह बजट अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों को संबोधित करने के बजाय मतदाताओं को खुश करने के लिए बनाया गया है. वहीं जैस्मिन का कहना है कि दिल्ली चुनाव पर इसका कोई असर होने वाला नहीं है. 

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