
देश के बजट (Budget) से जुड़ा इतिहास खासा दिलचस्प है. आज सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. लेकिन क्या आप जानते हैं भारत के ऐसे वित्त मंत्रियों के बारे में, जो Finance Minister तो रहे, लेकिन बजट पेश नहीं कर पाए. इनमें पहला नाम केसी नियोगी का है, जबकि दूसरा नाम एच एन बहुगुणा का है. आइए जानते हैं कि ऐसा क्या हुआ कि ये दोनों पूर्व वित्त मंत्री अपने कार्यकाल में बजट पेश नहीं कर सके...
आज आएगा देश का आम बजट
देश का आम बजट (Budget 2024) आज पेश होने जा रहा है. सोमवार को प्रधानमंत्री के भाषण के बाद संसद का बजट सत्र शुरू हुआ. इससे पहले केंद्र में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में बनी सकरार ने बनी है और Modi 3.0 का ये पहला बजट है. इस बार बजट में कई बड़े ऐलान होने की उम्मीद जताई जा रही है. पूर्णकालिक वित्त मंत्री के रूप में Nirmala Sitharaman का ये लगातार सातवां बजट होगा.
केसी नियोगी ने नहीं किया बजट पेश
अब बात करते हैं बजट इतिहास में शामिल उन दोनों वित्त मंत्रियों (Finance Ministers) के बारे में, जो कि इस पद पर रहने के बावजूद अपने कार्यकाल में कोई बजट पेश नहीं कर सके. तो पहला नाम आता है कि पूर्व वित्त मंत्री क्षितिश चंद्र नियोगी (KC Niyogi) का, जो फाइनेंस मिनिस्टर के पद पर तो रहे, लेकिन देश का आम बजट पेश नहीं कर सके. दरअसल, वे महज 35 दिनों तक साल 1948 में वित्त मंत्री के पद पर रहे थे, उन्होंने आरके शणमुखम शेट्टी (R.K. Shanmukham Chetty) की जगह ये जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन उन्होंने 35 दिन बाद ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था. इस अवधि में उन्हें बजट पेश करने का मौका नहीं मिल सका.
आजाद भारत के दूसरे वित्त मंत्री थे नियोगी
भले ही बेहद कम समय के लिए केसी नियोगी ने वित्त मंत्री (Former Finance Minister KC Niyogi) के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं और वे आजाद भारत के दूसरे वित्त मंत्री थे. उनके वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद के बाद जॉन मथाई ने वित्त मंत्रालय का काम-काज संभाला और वे देश के तीसरे फाइनेंस मिनिस्टर बने थे. इसके बाद मथाई ने उस वित्त वर्ष का बजट भाषण संसद में पेश किया था.
एच एन बहुगुणा भी इस लिस्ट में
बजट पेश न कर पाने वाले वित्त मंत्रियों की लिस्ट में अगला नाम आता है हेमवती नंदन बहुगुणा (H N Bahuguna) का, जिन्होंने इस पद को संभाला लेकिन आम बजट पेश करने का मौका उन्हें भी नहीं मिल पाया. बहुगुणा के साथ भी केसी नियोगी जैसी ही स्थिति बनी, क्योंकि उनका कार्यकाल भी महज साढ़े पांच महीने का रहा. हेमवती नंदन बहुगुणा साल 1979 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार (Indira Gandhi Govt) में वित्त मंत्री बने थे, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान भी बजट पेश नहीं हो सका.