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'12 लाख तक की आय पर टैक्स में छूट के लिए तुरंत मान गए थे पीएम मोदी, लेकिन ब्यूरोक्रेट्स...', वित्त मंत्री ने शेयर किया एक्सपीरियंस

निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी और उनकी सरकार ने हमेशा विभिन्न क्षेत्रों से मिले इनपुट पर विचार किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह वे सबसे वंचित वर्गों, आदिवासियों या विशेष रूप से कमजोर समूहों से बात करते हैं, उसी तरह वे सभी वर्गों की बात सुनते हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पीएम नरेंद्र मोदी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पीएम नरेंद्र मोदी
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 02 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टैक्स मे राहत दिए जाने को लेकर स्पष्ट थे और उन्होंने आम बजट में इनकम टैक्स छूट का समर्थन किया. हालांकि, नौकरशाहों को समझाने में समय लगा.

वित्तमंत्री ने समाचार एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में कहा कि सवाल ये होना चाहिए कि मुझे मंत्रालय और बोर्ड को मनाने में कितना समय लगा. हालांकि प्रधानमंत्री मोदी पहले से बहुत क्लियर थे कि वह कुछ करना चाहते हैं. हालांकि मंत्रालय को एक सहज स्तर तक पहुंचने की जरूरत थी, जिसके बाद प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया. 

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जब वित्तमंत्री से पूछा गया कि क्या ब्यूरोक्रेट्स को समझाने की जरूरत पड़ी थी, इस पर उन्होंने कहा कि हां. और वे सही थे, क्योंकि उन्हें रेवेन्यू जनरेट करने के लिए पूरी तरह से आश्वस्त होना पड़ता है, क्योंकि यही उनका काम है, हालांकि बाद में सभी इस पर सहमत हो गए थे.

डायरेक्ट टैक्स सिस्टम को सरल बनाने पर काम कर रही मोदी सरकार

निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार डायरेक्ट टैक्स सिस्टम को सरल बनाने, अनुपालन बोझ को कम करने और टैक्सपेयर्स की चिंताओं को दूर करने के लिए लंबे समय से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि मैं जहां भी गई, वहां लोगों की आम भावना यही थी कि हम ईमानदार टैक्सपेयर्स हैं. हम अपने टैक्स के भुगतान संबंधी दायित्वों को पूरा करके देश की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन क्या आप इस बात पर विचार करेंगी कि हमारे लिए क्या किया जा सकता है?

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ये भी पढ़ेंः अगर 12 लाख तक इनकम टैक्स FREE तो ये 10 फीसदी की स्लैब क्यों? आसान भाषा में समझें

'हर वर्ग से मिले इनपुट पर विचार करती है हमारी सरकार'

निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी और उनकी सरकार ने हमेशा विभिन्न क्षेत्रों से मिले इनपुट पर विचार किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह वे सबसे वंचित वर्गों, आदिवासियों या विशेष रूप से कमजोर समूहों से बात करते हैं, उसी तरह वे सभी वर्गों की बात सुनते हैं. अब्राहम लिंकन का हवाला देते हुए सीतारमण ने बजट को 'लोगों द्वारा, लोगों के लिए, लोगों का' बताया. उन्होंने कहा कि हमने मध्यम वर्ग की आवाज़ सुनी है. सरकार ने उनकी चिंताओं को ध्यान में रखा है.

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