
देश का बजट (Budget) पेश होने से पहले ही भारत को गुड न्यूज मिली है. दरअसल, वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) द्वारा जारी की गई समीक्षा रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि वित्त वर्ष 2025 में Indian Economy 7 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ेगी. यही नहीं आने वाले तीन साल में ही देश 5 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी के साथ दुनिया में तीसरी सबसे बढ़ी इकोनॉमी (India Third Largest Economy) बन जाएगा.
2030 तक 7 ट्रिलियन डॉलर होगी जीडीपी!
पीटीआई के मुताबिक, 'भारतीय अर्थव्यवस्था: समीक्षा' शीर्षक वाली इस समीक्षा रिपोर्ट में फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से कहा गया है कि इसकी काफी संभावना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7 फीसदी या इससे अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी और अनुमान है कि ये रफ्तार अगले वित्त वर्ष में भी जारी रह सकती है. इसमें अर्थव्यवस्था के तीन साल में 5 ट्रिलियन डॉलर के टारगेट पर पहुंचने की उम्मीद जताई गई है, तो वहीं कहा गया है कि साल 2030 तक भारत 7 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी वाला देश बन सकता है.
10 साल में कहां से कहां पहुंची इकोनॉमी?
रिपोर्ट में बीते 10 साल में देश की इकोनॉमी में आए बदलाव पर प्रकाश डाला गया है. इसमें कहा गया है कि दस साल पहले, भारत मौजूदा बाजार कीमतों पर 1.9 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था. वहीं आज, महामारी की मार झेलने के बावजूद यह 3.7 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी के साथ 5वें पायदान पर पहुंच चुका है. एक दशक की ये शानदार यात्रा कई सुधारों को चिह्नित करती है, जिन्होंने देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य
गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Govt) ने 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश की इकोनॉमी में जो सुधार हुए हैं, ये जारी रहने के साथ ही इस टारगेट को प्राप्त किया जा सकता है. सरकार की ओर से कहा गया है कि अगर वित्त वर्ष 2025 के लिए अनुमान सही साबित होता है तो महामारी के बाद यह लगातार चौथा साल होगा जब भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 फीसदी या इससे अधिक रहेगी.
ग्लोबल इकोनॉमी कर रही है संघर्ष
समीक्षा रिपोर्ट में मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व दर से बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है, और इसने वित्त वर्ष 2015 में कुल सार्वजनिक क्षेत्र के पूंजी निवेश को 5.6 लाख करोड़ रुपये से वित्त वर्ष 2024 में बढ़ाकर 18.6 लाख करोड़ तक पहुंचा दिया है. उन्होंने कहा कि दूसरी ओर वैश्विक अर्थव्यवस्था कोविड के बाद अपनी रिकवरी को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है, क्योंकि लगातार झटकों ने इसे प्रभावित किया है.