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Budget Updates: बजट में नहीं हुआ कुछ सस्ता महंगा, लेकिन जानिए 1 साल में आपकी जेब से कितना निकला!

बीते एक साल में महंगाई के असर से रोजमर्रा, उसमें भी खासकर खाने-पीने के सामान की कीमतों में काफी तेजी आई है. आइए जानते हैं पिछले बजट से इस बजट में क्या कुछ बदला है, जिसका आम आदमी पर असर पड़ा है.

Budget 2024 Budget 2024
आदित्य के. राणा
  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 6:23 PM IST

GST के आने के बाद से बजट में सस्ता और महंगा वाले सेगमेंट्स गिने चुने रहे गए हैं. अब केवल उन सामानों के दाम पर असर होता है जिनका संबंध कस्टम ड्यूटी या एक्साइज ड्यूटी से होता है. इस बार के अंतरिम बजट में सरकार ने इनमें से किसी भी ड्यूटी में बदलाव नहीं किया है. ऐसे में बजट में तो कुछ सस्ता नहीं हुआ है. लेकिन बीते एक साल में महंगाई के असर से रोजमर्रा, उसमें भी खासकर खाने-पीने के सामान की कीमतों में काफी तेजी आई है. दूध, चीनी, टमाटर और प्याज के दाम 1 साल में काफी बढ़े हैं. 
 
भारत में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली तुअर दाल 1 जनवरी 2023 के 110 रुपये प्रति किलो से बढ़कर अब 150 रुपये पर पहुंच गई है. इसी तरह चावल 37 रुपये से बढ़कर 44 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं. यानी दाल-चावल पर खर्च की जाने वाली रकम एक साल में बढ़कर रसोई के बजट को बिगाड़ने लगी है. लेकिन मुसीबत केवल इन बेसिक खाने के सामान से नहीं है. इसके साथ ही दूध एक साल में 54 रुपये 96 पैसे से बढ़कर 58 रुपये 41 पैसे प्रति लीटर हो गया है और चीनी 41 रुपये 45 पैसे से बढ़कर 44 रुपये 54 पैसे प्रति किलो हो गई है. यानी चाय की प्याली भी एक साल में महंगी हो गई है. 

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महंगाई का कितना असर

इसी तरह सब्जियों की कीमतों में भी 2023 में काफी उतार-चढ़ाव आने के बाद तेजी ही बनी रही है. बीते साल टमाटर 23 रुपये 33 पैसे प्रति किलो से बढ़कर 250 रुपये के पार जाने के बाद भी 32 रुपये 96 पैसे का हो गया है. इसी तरह प्याज 26 रुपये 7 पैसे से बढ़कर 34 रुपये 73 पैसे पर पहुंच गई. 

लेकिन ऐसा भी नहीं है कि एक साल में सब कुछ महंगा ही हुआ है. इस दौरान खाने पीने के कुछ आइटम्स सस्ते भी हुए हैं जैसे सोयाबीन ऑयल 149 रुपये प्रति लीटर से घटकर 123.39 रुपये प्रति लीटर हो गया है. आलू 23 रुपये 36 पैसे से कम होकर 22 रुपये 29 पैसे हो गया है और घरेलू गैस सिलेंडर 1053 से घटकर 903 रुपये का हो गया है. यानी रसोई में तो महंगाई से कुछ आफत तो कुछ राहत भी मिली है.

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हालांकि इसी हफ्ते सरकार ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़ी कंपनियों को बड़ी राहत दी है. भारत ने मोबाइल फोन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पुर्जों पर आयात शुल्क कम कर दिया गया है. अब 15% की जगह सिर्फ 10% शुल्क लगेगा. ये फैसला भारत की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है. सरकार के इस फैसले मोबाइल सस्ते होने की उम्मीद है. 

सोने से खूब बना पैसा 

लेकिन अगर निवेशकों की बात करें तो फिर गोल्ड की महंगाई ने उन्हें फायदा भी पहुंचाया है. 1 जनवरी 2023 को गोल्ड की कीमत जहां 54 हजार 867 रुपये प्रति दस ग्राम थी, वहीं अब ये करीब 62 हजार रुपये प्रति दस ग्राम पर है. इसी तरह चांदी 68 हजार 92 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर करीब 72 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गई.

अगर बात करें घर खरीदारों की तो बीते साल उनके लिए ब्याज दरें आफत का सबब बनी रहीं. 1 जनवरी 2023 के 8.9 फीसदी के मुकाबले अब ब्याज दरें 9.15 फीसदी हैं. हालांकि इस दौरान बैंको FD पर मिलने वाला इंटरेस्ट रेट भी चौथाई फीसदी तक बढ़ गया है. यानी महंगाई की चिंता RBI और सरकार की पूरी कोशिश के बावजूद अभी तक कम नहीं हुई है. इसमें घरेलू कारणों के साथ-साथ ग्लोबल समस्याओं का भी हाथ है. उम्मीद है कि इस साल दुनिया में हालात सुधरेंगे जिससे सप्लाई चेन, लाल सागर संकट दूर होगा. इससे भारत को आने वाले दिनों में दाम बढ़ने की तकलीफ की जगह महंगाई घटने का तोहफा मिल सकता है.

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