Advertisement

मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, FDI पाने वाले देशों की लिस्ट में भारत की लंबी छलांग

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के मोर्चे पर भारत के लिए पिछला साल यानी 2019 बेहतर साबित हुआ. भारत साल 2018 में दुनियाभर में सबसे अधिक FDI पाने वाले देशों की लिस्ट में 12वें नंबर था, जबकि 2019 में 9वें स्थान पर पहुंच गया. 

FDI के मोर्चे पर राहत की खबर FDI के मोर्चे पर राहत की खबर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 4:49 AM IST
  • भारत 2018 में FDI पाने वाले देशों की लिस्ट में 12वें नंबर था
  • सरकार के बड़े फैसलों की वजह से 2019 में 9वें स्थान पर पहुंच गया 

कोरोना संकट के बीच आर्थिक मोर्च पर मोदी सरकार के लिए एक राहत की खबर है. सरकार लगातार कहती आ रही है कि विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं. अब भारत ने FDI पाने वाले देशों की लिस्ट में अपनी स्थिति को और बेहतर कर ली है.
  
दरअसल, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के मोर्चे पर भारत के लिए पिछला साल यानी 2019 बेहतर साबित हुआ. भारत साल 2018 में दुनियाभर में सबसे अधिक FDI पाने वाले देशों की लिस्ट में 12वें नंबर था, जबकि 2019 में 9वें स्थान पर पहुंच गया. 

Advertisement

भारत में वर्ष 2019 में 51 अरब डॉलर का FDI आया है. संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) ने एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कोविड- 19 के बाद कमजोर लेकिन सकारात्मक आर्थिक विकास हासिल करने संभावना है और भारतीय बाजार निवेश के लिए आकर्षित करते रहेंगे.

भारत 2019 में 51 अरब डॉलर का FDI हासिल किया

अंकटाड की विश्व निवेश रिपोर्ट 2020 में कहा गया कि भारत 2019 में 51 अरब डॉलर का FDI हासिल करने साथ ही इस दौरान दुनियाभर में 9वें नंबर पर रहा, इससे पिछले वर्ष 2018 में भारत को 42 अरब डॉलर का FDI मिला था. तब भारत एफडीआई पाने वाले टॉप- 20 देशों में 12वें नंबर पर रहा था. 

निवेश के सरकार ने उठाए कई कदम

इसे पढ़ें: इन तीन बातों का रखें ख्याल, जो भी कमाई है उसी में कर पाएंगे बचत

Advertisement

विकासशील एशिया देशों में भारत सबसे ज्यादा एफडीआई प्राप्त करने वाले शीर्ष 5 देशों में शामिल रहा. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में दुनियाभर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 40 फीसदी तक गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है. यह गिरावट 2019 में हुए 1,540 अरब डॉलर के प्रवाह के मुकाबले आ सकती है. 

पीटीआई के मुताबिक अगर ऐसा होता है तो यह 2005 के बाद पहला अवसर होगा कि दुनिया के देशों में एफडीआई पहली बार एक हजार अरब डॉलर के आंकड़े से नीचे आ जाएगा. 

इसे भी पढ़ें: अडानी ग्रुप की इस कंपनी ने एक साल में दिया बंपर रिटर्न, निवेशक मालामाल

कोरोना वायरस महामारी के चलते एशिया के विकासशील देशों में एफडीआई प्रवाह 2020 में 45 फीसदी तक घटने का अनुमान लगाया गया है. दक्षिण एशिया के देशों में भी एफडीआई में 2020 के दौरान गिरावट आने का अनुमान है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement