भारत विदेशी निवेशकों के लिए गंतव्य बना हुआ है. दरअसल, आर्थिक बढ़ोतरी की अच्छी संभावनाओं से माहौल थोड़ा बेहतर हुआ है. जिससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में तेज बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. (Photo: File)
मंगलवार को जारी डेलॉयट (Deloitte) की एक रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय उद्योगपति भारत की अल्प और दीर्घकालीन संभावनाओं में विश्वास रखते हैं और देश में अतिरिक्त निवेश और पहली बार निवेश करने की योजना बना रहे हैं.
Deloitte के 'इंडियाज एफडीआई ऑपर्चूनिटी' सर्वेक्षण में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और सिंगापुर की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के 1200 शीर्ष अधिकारियों से सवाल किए गए. जिसमें पाया गया कि Skill मैनपावर और आर्थिक बढ़ोतरी की अच्छी संभावनाओं की वजहों से निवेश के लिए एक बेहतर स्थान बना हुआ है. (Photo: File)
रिपोर्ट में कहा गया है कि कपड़ा और परिधान, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉर्मास्यूटिकल्स, वाहन और पुर्जे, रसायन और कैपिटल गुड्स जैसे 7 सेक्टर्स हैं, जो निवेश के लिए सबसे बेहतर ठिकाने हैं. क्योंकि इन प्रोडक्ट्स की दुनियाभर मांग हैं. इन क्षेत्रों ने 2020-21 में 181 बिलियन डॉलर के व्यापारिक निर्यात का योगदान दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक देश के ये 7 क्षेत्र अधिक से अधिक FDI आकर्षित करने का लक्ष्य बन सकता है. क्योंकि इन सेक्टर्स में लीडरशिप बनने की क्षमता है. यही नहीं, रिपोर्ट की मानें तो विदेशी निवेशकों में अमेरिका, चीन, ब्राजील, मेक्सिको और वियतनाम जैसे बाजारों की तुलना में भारत को लेकर सबसे मजबूत सकारात्मक धारणा है. इस सर्वेक्षण में अमेरिका और ब्रिटेन के उद्योगपतियों ने भारत की स्थिरता में को सबसे ज्यादा विश्वास व्यक्त किया है. (Photo: File)
हालांकि चीन और वियतनाम के मुकाबले भारत में कारोबार करना अभी भी थोड़ा कठिन है. Deloitte की इस रिपोर्ट के मुताबिक कारोबार के लिए जहां भारत को राजनीतिक और आर्थिक रूप से स्थिर माना जाता है. वहीं सिंगल विंडो क्लियरयेंस में दिक्कतें, नियामक स्पष्टता और कुशल न्यायिक निवारण में संकट की वजह से भारत को कम अंक मिले.
डेलॉयट ग्लोबल के सीईओ पुनीत रंजन ने कहा, 'हमारा मानना है कि भारत में कारोबारी सुगमता को और बेहतर किया जा सकता है. जिसमें वित्तीय लाभ और अन्य सुधार शामिल हैं, और इस दिशा में काम हो रहा है. ये सकारात्मक कदम आश्वस्त करते हैं कि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की अपनी महत्वाकांक्षा की ओर बढ़ रहा है.' (Photo: File)
रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि FY27 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को बनाने के लिए भारत को पूंजी-गहन क्षेत्रों में एफडीआई को आकर्षित करने की जरूरत है, जो देश की तरक्की के अहम हिस्से हैं. हालांकि अभी में बुनियादी ढांचों में तेजी से सुधार की जरूरत है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर में कमी निवेशकों को सोचने के लिए मजबूर करता है. (Photo: File)