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इन 5 विदेशी कारणों से बिगड़ा बाजार का मूड, निवेशकों के डूबे 10 लाख करोड़

aajtak.in
  • 24 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:28 PM IST
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पिछले एक हफ्ते से शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों में हाहाकार मचा हुआ है. बढ़ते कोरोना संकट और खराब ग्लोबल संकेतों के चलते शेयर बाजार में लगातार छठे दिन गुरुवार को बिकवाली का दबाव देखने को मिला. पिछले 6 कारोबारी सेशन में सेंसेक्स करीब 3000 अंक टूट चुका है. (Photo: File)

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गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. कारोबार को अंत में सेंसेक्स 1114.82 अंक यानी 2.96 फीसदी टूटकर 36,553.60 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 325.85 अंक यानी 2.93 फीसदी टूटकर 10,806 पर बंद हुआ. मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स में 9 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली. (Photo: File)

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पहला कारण
दरअसल पिछले 6 दिनों की गिरावट में निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. ग्लोबल बाजारों में गिरावट का असर सबसे ज्यादा भारतीय बाजारों पर हुआ है. ब्रिटेन के कुछ इलाकों में फिर से लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जा रहा है. इस खबर का बाजार पर निगेटिव असर हुआ है. (Photo: File)
 

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दूसरा कारण
अमेरिका में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. अमेरिकी राहत पैकेज को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक परेशान हैं. जिससे शेयर बाजारों में बिकवाली का दौर जारी है. कई देशों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आने बात हो रही है. इससे भी बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा है. (Photo: File)

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तीसरा कारण
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बाजार असमंजस की स्थिति में है. निवेशक कमोडिटी मार्केट से भी बाहर निकल रहे हैं. क्योंकि अमेरिकी डॉलर के लगातार मजबूत होने से कमोडिटी मार्केट में और गिरावट की आशंका जताई जा रही है. (Photo: File)

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चौथा कारण 
जब-जब शेयर बाजार गिरा है, सोने ने अपनी चमक बिखेरी है. लेकिन फिलहाल गोल्ड पर भी दबाव देखने को मिल रहा है. इस हफ्ते MCX पर गोल्ड 2500 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर चुका है. MCX पर फ्यूचर में सोने का भाव 50 हजार रुपये से नीचे पहुंच गया है. कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे दौर के डर से निवेशकों ने सेफ हैवन के रूप में डॉलर की ओर रुख किया है. एक हफ्ते में चांदी में 17 फीसदी से अधिक गिरावट आई है. (Photo: File)

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पांचवां कारण
इसके अलावा क्रूड के भाव भी लगातार गिर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है. खासकर अमेरिकी बाजार पर इसका असर हुआ है. गुरुवार को क्रूड भाव गिरकर 40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. ऐसे में घरेलू मुद्दों से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हलचल ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया है. (Photo: File)

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