अगर आपके घर में भी कोई गलत तरीके से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं, तो फिर जांच के बाद उनपर कार्रवाई हो सकती है. अब तक सरकार से मिली रकम को भी लौटानी पड़ेगी. यानी अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्र नहीं होने के बावजूद गलत तरीके से पैसे ले रहे हैं तो फिर सरकार आपसे वसूली करेगी.
दरअसल, सरकार की कोशिश है कि जरूरतमंद किसानों को इस योजना का लाभ मिले. लेकिन जरूरतमंद किसानों के साथ-साथ ऐसे लोग भी किसान बन गए हैं, जिनका खेती से कोई लेना-देना नहीं है. अब ऐसे लोगों के नाम जल्द ही इस योजना से हटाने की तैयारी है, साथ ही उनसे वसूली की तैयारी हो रही है.
तमिलनाडु में किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी तरीके से किसान सम्मान निधि पाने वालों से अब तक 61 करोड़ रुपये वसूले गए हैं. तमिलनाडु में 5.95 लाख लाभार्थियों के खातों की जांच की गई है, जिसमें से 5.38 लाख फर्जी निकले. अब सरकार ऐसे लोगों से वसूली कर रही है.
इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले कर्मचारियों और अफसरों पर भी कार्रवाई की गई है. सरकार का साफ कहना है कि जो इसके हकदार नहीं हैं, उन्हें पैसा नहीं मिलेगा. अगर किसी ने नियम को ताक पर रखकर गलत तरीके से लाभ ले लिया है तो उनसे पूरी रकम वसूली जाएगी.
कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार करने में जुटा है. सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि असली किसान परिवारों की पहचान करने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है.
गौरतलब है कि किसान सम्मान निधि के तहत अब तक 94 हजार करोड़ रुपये किसानों के बैंक अकाउंट में भेजे जा चुके हैं. इस योजना के तहत किसान परिवारों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष की दर से मदद दी जा रही है. केवल वह किसान ही इस सरकारी किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा सकते हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर या उससे कम जमीन है. इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की लिस्ट में शामिल लाभार्थियों को अगले 5 साल तक 6000 रुपये दिए जाएंगे.
तमिलनाडु में किसान योजना के साथ फर्जीवाड़े के बाद सरकार सतर्क हो गई है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का गलत तरीके से फायदे लेने वालों की केंद्र सरकार पहचान करने जा रही है. सरकार को शिकायत मिली है कि बड़े पैमाने पर ऐसे लोग इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जो इसके दायरे में नहीं आते हैं.
वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ एक ही घर और एक ही परिवार में कई लोग ले रहे हैं. जो नियम के खिलाफ है. नियम के मुताबिक इस योजना का लाभ पाने के लिए किसान के नाम पर खेत होना जरूरी है. यही नहीं, अगर जमीन किसान के दादा या पिता के नाम पर है, तो फिर योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
क्या कहता है नियम
कार्यरत सरकारी कर्मचारी, या फिर रिटायर्ड कर्मचारी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं. साथ ही अगर किसी के पास खेती के लिए जमीन है और उसे 10,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है तो भी ऐसे लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा. (Photo: File)
इसके अलावा रजिस्टर्ड डॉक्टर्स, इंजीनियरों, वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वास्तुकारों और उनके परिवार के लोग भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते. वहीं अगर रजिस्टर्ड खेती योग्य जमीन पर किसान कोई दूसरा काम कर रहा है तो फिर पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा. (Photo: File)