गुरुनानक जयंती के मौके पर सोमवार को शेयर बाजार बंद है. लगातार तीन दिन तक शेयर बाजार बंद रहने के बाद मंगलवार को खुलेगा. वैसे तो नवंबर महीना शेयर बाजार और निवेशकों के लिए शानदार रहा. अब सबकी निगाहें 1 दिसंबर पर टिकी हैं कि बाजार की चाल कैसी रहती है.
बाजार के दिग्गजों को आगे चलकर बाजार का रुख सकारात्मक रहने की उम्मीद है. वे मानते हैं कि मुनाफावसूली की संभावना भी बनी रहेगी. वैश्विक स्तर पर निवेशकों की निगाह अमेरिकी की नई सरकार द्वारा प्रोत्साहन उपायों की घोषणा से जुड़े घटनाक्रमों पर रहेगी. बाजारों के इस सप्ताह छुट्टियों के मूड में रहने की संभावना है.
सबसे पहले शेयर बाजार GDP आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देगा. शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद GDP के आंकड़े जारी हुए. आंकड़ों ने सभी अनुमानों को गलत साबित कर दिया. तमाम आर्थिक एजेंसियों के द्वारा अनुमान लगाया जा रहा था कि जीडीपी में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रहेगी, लेकिन इसमें महज 7.5% की गिरावट रही. इससे उम्मीद बंधी है कि उपभोक्ता मांग बेहतर होने से आगे अर्थव्यवस्था की स्थिति में तेजी से सुधार होगा.
RBI की बैठक
रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा बैठक इसी सप्ताह होनी है. 6 साल के शीर्ष पर पहुंची खुदरा महंगाई के दबाव में रिजर्व बैंक एक बार फिर नीतिगत दरें अपरिवर्तित रख सकता है. विशेषज्ञों का दावा है कि 2 से 4 दिसंबर तक होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा.
ऑटो बिक्री के आंकड़े
इसके अलावा वाहन कंपनियों के नवंबर के बिक्री आंकड़ों पर भी सभी की निगाह रहेगी. अक्टूबर का महीना ऑटो कंपनियों का बेहतर रहा. अब उम्मीद की जा रही है कि नवंबर में बिक्री के आंकड़े और बेहतर आ सकते हैं. क्योंकि फेस्टिव सीजन में कई तरह के ऑफर्स दिए गए हैं.
विदेशों निवेशकों पर नजर
यही नहीं, नवंबर महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय शेयर बाजार में खूब पैसे लगाए. अब दिसंबर के पहले दिन निवेशकों के रुझान, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल का असर भी शेयर बाजार पर दिखेगा.