साल 1912 में हादसे का शिकार हुए 'टाइटैनिक' (Titanic) जहाज के मलबे को देखने के लिए अटलांटिक महासागर में निकली एक 'Titan' नाम की टूरिस्ट पनडुब्बी बीते दिनों साउथ-ईस्ट कनाडा के तट से अचानक गायब हो गई थी. इसमें शामिल यात्रियों को बचाने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं और इसमें सवार पायलट सहित सभी पांच लोगों की मौत हो गई है.
Titan पर सवार सभी 5 लोगों की मौत
टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के लिए निकलने के बाद अचानक लापता होने वाली टाइटन पनडुब्बी में सवार लोगों में OceanGate के सीईओ स्टॉकटन रश, ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग और पाकिस्तानी टाइकून शहजादा दाऊद का नाम भी शामिल हैं. इन सभी की जान चली गई है. ओशनगेट एक्सपेडिशंस के टाइटैनिक सर्वे एक्सपेडिशन पर कंपनी ने पहले कहा था कि टूरिस्ट अधिकतम 12,800 फीट की गहराई तक जा सकते हैं.
2009 में स्थापित की गई थी OcenGate
अमेरिका के वॉशिंगटन हेडक्वार्टर वाली OcenGate कंपनी है, लोगों को अपनी टाइटन पनडुब्बी में बैठाकर टाइटैनिक जहाज का मलबा दिखाने के लिए लेकर जाती है. इस कंपनी की स्थापनी साल 2009 में अमेरिकी एडवेंचर और पूर्व निवेशक बैंकर स्टॉकटन रश द्वारा की गई थी. ओशनगेट अभियानों का उद्देश्य टाइटैनिक के मलबे का पता लगाना है.
एक टिकट की कीमत 2 करोड़ रुपये
अटलांटिक महासागर में डूबने वाले टाइटैनिक जहाज का मलबा दिखाने के लिए ओशनगेट एक्सपेडीशंस नाम की एक कंपनी पनडुब्बी में यात्रा करने वाले गेस्ट से एक टिकट का का संचालन करती है. 250,000 अमेरिकी डॉलर वसूल करती है. भारतीय करेंसी में ये रकम 20,488,800 रुपये के करीब पड़ती है. ये पूरी यात्रा आठ दिनों की होती है. प्रति व्यक्ति आने वाली लागत में सेंट जॉन्स, न्यूफाउंडलैंड से आने-जाने के लिए परिवहन शामिल नहीं है.
सर्च अभियान में अब तक इतनी रकम स्वाहा
इस अमेरिकी कंपनी OceanGate's का सालाना रेवेन्यू रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 9.9 मिलियन डॉलर है. वहीं टाइटन पनडुब्बी के बीते दिनों लापता होने के बाद इसकी सर्चिंग में भी अब तक मोटा पैसा खर्च हो चुका है. इस अभियान में आने वाले खर्च को देखें तो ये अनुमानित करीब साढ़े 6.5 मिलियन डॉलर से अधिक पहुंच गया है.
14 अप्रैल 1912 को डूबा था टाइटैनिक
हम सभी ने टाइटैनिक जहाज का नाम सुना है. अपने दौर के सबसे बड़े और पॉपुलर जहाज टाइटैनिक की लम्बाई करीब 269.1 मीटर और चौड़ाई 28 मीटर के आसपास थी. 14 अप्रैल, 1912 में रात के समय टाइटैनिक बर्फ के पहाड़ से टकराकर नॉर्थ अटलांटिक ओसियन में डूब गया था. इसके मलबे को 1985 में ढूंढ़ा गया था. गौरतलब है कि Titanic का मलबा कनाडा के न्यूफाउंडलैंड से लगभग 370 मील दक्षिण में 12,500 फीट की गहराई पर है.