बीते मार्च महीने में प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक पर रिजर्व बैंक ने एक बड़ी कार्रवाई की थी. इसके तहत यस बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया गया तो वहीं खाताधारकों को एक माह में 50,000 रुपये तक की रकम की निकासी की अनुमति दी गई.
खाताधारकों के हितों को ध्यान में रखकर रिजर्व बैंक ने यस बैंक को 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिया था. अब यस बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध करायी गई 50,000 करोड़ रुपये की विशेष ऋण सुविधा के पूरे बकाये का भुगतान कर दिया है.
यस बैंक के चेयरमैन सुनील मेहता ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 बैंक के लिए एक बदलाव का साल है. भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 10,000 करोड़ रुपये के अभूतपूर्व राहत पैकेज ने यस बैंक को नया जीवनदान दिया है.
बता दें कि आरबीआई कानून, 1934 की धारा 17 के तहत केंद्रीय बैंक किसी भी बैंक को शेयर कोष और प्रतिभूतियों (अचल संपत्तियों को छोड़कर) को गिरवी रखकर कर्ज के रूप में नकदी की सुविधा उपलब्ध करा सकता है. इसी कानून के तहत यस बैंक को सुविधा मिली है.
इस बीच, यस बैंक का शेयर भाव में बढ़त दर्ज की गई है. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यस बैंक का शेयर भाव 4 फीसदी तक चढ़ गया है.