
एशिया के पहले और दुनिया में छटे सबसे अमीर इंसान भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) एक नए क्षेत्र में जोरदार एंट्री करने जा रहे हैं. अडानी ग्रुप (Adani Group) ने तांबे में बड़ा निवेश करने की तैयारी की है. इस परियोजना के लिए कंपनी ने भारतीय स्टेट बैंक(SBI) समेत अन्य सरकारी बैंकों से 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए हैं.
गुजरात के मुंद्रा में स्थापित होगी यूनिट
रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की अनुषंगी कच्छ कॉपर लिमिटेड (Kutch Copper Limited) एक कॉपर रिफायनरी प्रोजेक्ट की स्थापना करने जा रही है. इसके तहत दो चरणों में सालाना 10 लाख टन कॉपर उत्पादन वाली यूनिट गुजरात के मुंद्रा में लगाई जाएगी. कंपनी के अनुसार, KCL की परियोजना के पांच लाख टन की क्षमता वाले पहले चरण के लिए बैंकों ने 6,071 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी है. अडानी इंटरप्राइजेज ने बयान जारी कर इसकी जानकारी साझा की है.
SBI समेत इन बैंकों से मिला कर्ज
गौतम अडानी समूह की इस कंपनी को कर्ज देने वाले सरकारी बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अलावा, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), केनरा बैंक, एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं. हजारों करोड़ रुपये की ग्रीनफील्ड प्लांट के पहले चरण में सालाना 0.5 मिलियन टन (MTPA) की तांबा शोधन क्षमता के लिए खर्च किया जाएगा. जबकि, दो चरणों में कुल एक एमटीपीए की क्षमता पाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
2024 में परिचालन शुरू होने की उम्मीद
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के डायरेक्टर विनय प्रकाश का कहना है कि ने कहा कि इस परियोजना का परिचालन 2024 की पहली छमाही में शुरू हो जाएगा. इसके अलावा उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाया गया कदम करार देते हुए कहा है कि यह परियोजना देश के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में अहम भूमिका निभाने वाला साबित होगा. विनय प्रकाश ने कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े कॉपर रिफाइनरी परिसरों में से एक होगा.
भारतीय तांबा बाजार में तीसरी बड़ी कंपनी
कच्छ कॉपर लिमिटेड (KCL) मार्च 2021 में ही अडानी एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी के रूप में सामने आई थी. अब इस क्षेत्र में 6,071 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह भारतीय तांबा बाजार में निजी क्षेत्र का तीसरा सबसे बड़ा प्लेयर बन जाएगा. गौरतलब है कि आदित्य बिड़ला समूह के हिंडाल्को (Hindalco) और वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर (Sterlite Copper) इस क्षेत्र में सबसे सक्रिय हैं. इसके अलावा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Limited) इस क्षेत्र की अहम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है.