
टाटा ग्रुप (Tata Group) में फिर से शामिल होने के बाद एयरलाइन कंपनी Air India की एविएशन मार्केट में हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन (Campbell Wilson) ने मंगलवार को एक इंटरव्यू के दौरान कई मुद्दों पर बात की और इस दौरान कुछ हवाई मार्गों पर टैरिफ चार्ज वसूलने के पीछे का कारण भी बताया. उन्होंने कहा कि अगर हम ज्यादा टैरिफ चार्ज करने में सक्षम हैं, तो फिर इसका मतलब है कि अधिक लोग Air India से साथ उड़ान भरना चाहते हैं.
एयरलाइन के हित में लिया गया फैसला
आजतक के सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे के मैनेजिंग एडिटर सिद्धार्थ जराबी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में चुनिंदा रूट्स पर टिकटों की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर Air India CEO कैंपबेल विल्सन ने विस्तार से बात करते हुए कहा कि टाटा समूह (Tata Group) के स्वामित्व वाली एयरलाइन द्वारा पेश किए गए कई रूट्स पर हवाई किराया वास्तव में परिचालन की सीमांत लागत से कम हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन रूट्स पर हवाई किराया कम करने का मतलब यह होगा कि कंपनी की उड़ानें खाली जा रही हैं, जबकि यह एयरलाइन के हितों के लिए हानिकारक होगा.
CEO ने समझाया ज्यादा टैरिफ का मतलब
कैंपबेल विल्सन के मुताबिक, हवाई किराया (Air Fare) आपूर्ति और मांग का परिणाम है कि कितने लोग आपके प्रोडक्ट के प्रति आकर्षित हैं और इसे खरीदना चाहते हैं. अगर एयरलाइन कुछ मार्गों पर अधिक टैरिफ वसूलने में सक्षम है, तो इसका मतलब है कि अधिक लोग एयर इंडिया के साथ उड़ान भरना चाहते हैं. एअर इंडिया की सीईओ ने एयरलाइन के प्राइवेटाइजेशन के बाद टैरिफ के साथ ही एविएशन मार्केट में इसकी हिस्सेदारी को लेकर भी बात की. उन्होंने बोइंग के साथ 470 विमानों के सौदे का हवाला देते हुए कहा कि हमने आपूर्ति बढ़ाने के लिए ये सौदा किया है.
निजीकरण के बाद इतनी बढ़ गई हिस्सेदारी
Air India CEO ने अपनी बात को और भी अधिक स्पष्ट तरीके से समझाने के लिए बोइंग के साथ करीब 70 अरब डॉलर के मेगा 470 विमान सौदे का जिक्र किया. गौरतलब है कि इस साल जून में, एयर इंडिया ने एयरबस और बोइंग से 470 विमान खरीदने के लिए खरीद एमओयू (MoU) पर साइन किए थे. इस सौदे को एविएशन इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा विमान ऑर्डर माना जा रहा है. एयर इंडिया की ऑर्डर बुक में 190 बोइंग 737MAX, 140 एयरबस A320neo, 70 एयरबस A321neo, 34 A350-1000, 2 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, 10 बोइंग 777X वाइडबॉडी विमान और छह A350-900 विमान शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि एविएशन सेक्टर एक बढ़ता हुआ बाजार है और हम अपनी बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाना चाहते हैं. कैंपबेल विल्सन ने भरोसा जताते हुए कहा कि हम व्यावसायिक रूप से सफल हैं और हम ऐसा करने में सक्षम भी होंगे. इंटरव्यू के दौरान विल्सन ने कहा कि एयर रूट्स पर यात्रियों की संख्या में बदलाव दिखना शुरू हो गया है और एअर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी में काफी इजाफा हुआ है. प्राइवेटाइजेशन के समय एविएशन मार्केट में Air India की हिस्सेदारी 10 फीसदी से भी कम थी, लेकिन अब यह 26 से 27 फीसदी हो गई है.
2024 में एयरलाइन में दिखेंगे बड़े बदलाव
कैंपबेल विल्सन ने एयरलाइन के आगे के रोडमैप के बारे में बताते हुए किए जाने वाले उन उपायों से भी पर्दा उठाया, जो एअर इंडिया इन-फ्लाइट कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए उठाए जाने वाले हैं. उन्होंने कहा कि 2024 के जुलाई-अगस्त महीने के आस-पास शुरू होने वाले वाइड बॉडी विमान की री-फिटिंग के लिए 400 मिलियन डॉलर आवंटित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप इंटीरियर को भी अपग्रेड किया जाएगा.
इनमें से कुछ बदलावों में नई सीटें, नया इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम, नए बाथरूम समेत अन्य बदलाव शामिल हैं. एअर इंडिया सीईओ के मुताबिक, Air India Website को पहले ही अपग्रेड किया जा चुका है, जबकि कॉल सेंटर में बदलाव की प्रक्रिया जारी है.