
सरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया (Air India) की हाल ही में सफल नीलामी हुई है. इसके बाद इसका नियंत्रण टाटा समूह (Tata Group) के हाथों में चला गया है. सरकार टाटा समूह को एअर इंडिया सौंपने की कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं निपटा रही है. जल्दी ही एअर इंडिया का पूरा कंट्रोल टाटा के पास चला जाएगा. हालांकि जारी प्रक्रिया के बीच कनाडा (Canada) की एक अदालत के फैसले ने सबको चौंका दिया है. अदालती आदेश के बाद कनाडा में एअर इंडिया की करीब 225 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं.
11 साल पुराना है मामला, इसरो की डील हुई थी कैंसल
यह मामला एअर इंडिया से सीधे तौर पर जुड़ा भी नहीं है. कई साल पहले इसरो (ISRO) की Antrix Corp और देवास मल्टीमीडिया (Devas Multimedia) के बीच एक सैटेलाइट सौदा हुआ था. उस सौदे को 2011 में कैंसल कर दिया गया था. डील कैंसल होने के बाद देवास ने भारत सरकार (GoI) से अपने नुकसान की भरपाई करने की मांग की थी.
यह मामला खिंचकर अंतरराष्ट्रीय अदालत में पहुंच गया था, जहां देवास की जीत हुई थी. इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (International Chamber Of Commerce) की कोर्ट ने भारत सरकार से कहा था कि वह देवास को 1.3 बिलियन डॉलर का भुगतान करे. इस रकम की रिकवरी के लिए देवास के विदेशी शेयरहोल्डर्स कनाडा और अमेरिका समेत कई देशों में भारत सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर कर चुके हैं.
एएआई, एअर इंडिया की 275 करोड़ की संपत्तियां जब्त
कनाडा के क्यूबेक प्रांत की सुपीरियर कोर्ट ने इस सिलसिले में 24 नवंबर और 21 दिसंबर को दो ऑर्डर सुनाया. इनमें आईएटीए (IATA) के पास रखी एएआई (AAI) और एअर इंडिया की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया गया. इन आदेशों पर अमल करते हुए एएआई की 6.8 मिलियन डॉलर (करीब 51 करोड़ रुपये) और एअर इंडिया की 30 मिलियन डॉलर (करीब 223.5 करोड़ रुपये) से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की गईं. ये संपत्तियां कनाडा के क्यूबेक (Quebec) प्रांत में इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के पास रखी हुई थीं.
एअर इंडिया के विनिवेश पर नहीं होगा कोई असर
इस कार्रवाई से टाटा समूह और एअर इंडिया की डील पर असर पड़ने की आशंकाएं उठने लगी हैं. हालांकि टाटा समूह और सरकार के बीच हुई डील में एक Indemnity Clause है, जिसमें इस तरह के मामलों में सुरक्षा कवर का प्रावधान किया गया है. बिजनेस टूडे टीवी की एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि देवास मामले में कनाडा की कोर्ट के फैसले का एअर इंडिया के विनिवेश पर कोई असर नहीं होगा. सरकार अगले दो से तीन महीने में एअर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया पूरी कर लेगी. पहले इसे दिसंबर 2021 में ही पूरा हो जाना था.