
एअर इंडिया ने विमानन क्षेत्र की सबसे बड़ी डील की है. एअर इंडिया का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी टाटा संस ने कहा है कि एयरलाइन सिक्योरिटी, कस्टमर सर्विस, टेक्नॉलजी, इंजीनियरिंग, नेटवर्क और मानव संसाधन की दिशा में बड़े बदलाव की यात्रा पर है. टाटा ग्रुप खरबों डॉलर की लागत से अत्याधुनिक बोइंग और एयरबस विमानें खरीदने जा रही है.
टाटा ग्रुप कुल मिलाकर 470 विमान खरीदने जा रही है. टाटा ने ये सौदा विमानन क्षेत्र की टॉप कंपनी अमेरिका की बोइंग और यूरोप की एयरबस से की है. इस सौदे की अहमियत को इसी बात से समझा जा सकता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने स्वयं इस डील के लिए भारत को बधाई दी है. इसके अलावा ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने भी इस डील को अपने देश के लिए एक लैंडमार्क मोमेंट बताया है. सुनक ने भारत के साथ व्यावसायिक रिश्तों को जारी रखने पर भी जोर दिया. अगर रकम के हिसाब से देखें तो ये डील 80 अरब डॉलर यानी कि 6.40 लाख करोड़ रुपये का है.
टाटा ग्रुप की एअर इंडिया ने क्या क्या खरीदा है?
इस ऑर्डर में 40 एयरबस A350s, 20 बोइंग 787s और 10 बोइंग 777-9s चौड़े बॉडी साइज वाले विमान, साथ ही 210 Airbus A320/321 Neos और 190 बोइंग 737 MAX सिंगल-आइज़ल विमान शामिल हैं.
इस तरह से एअर इंडिया कुल 470 विमान खरीदने जा रहा है. इनमें से बोइंग से 220 विमान और एयरबस से 250 विमान शामिल हैं.
कब तक एअर इंडिया के बेडे में शामिल होंगे विमान?
एअर इंडिया के अनुसार नए विमान 2023 के आखिरी महीनों तक सेवा में आ जाएंगे. जबकि ज्यादातर नए विमान 2025 के मध्य तक एअर इंडिया के बेडे में शामिल होंगे.
एअर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखर ने कहा कि ये नए विमान एयरलाइन के बेड़े का आधुनिकीकरण करेंगे और इसके वैश्विक नेटवर्क का व्यापक रूप से विस्तार करेंगे.
मैक्रॉन, सुनक और बाइडेन ने डील पर दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयर इंडिया-एयरबस लेनदेन को एक "ऐतिहासिक सौदा" करार किया जो भारत और फ्रांस के बीच गहराते संबंधों को भी दर्शाता है. बता दें कि एयरबस का ऑपरेशन ब्रिटेन और फ्रांस दोनों ही देशों में है. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन ने कहा कि 250 विमानों की खरीद के लिए एयरबस के साथ एअर इंडिया का सौदा भारत और फ्रांस के बीच गहन रणनीतिक और मैत्रीपूर्ण साझेदारी में मील का पत्थर साबित होगा.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि एअर इंडिया, एयरबस और रोल्स-रॉयस के बीच यह ऐतिहासिक सौदा दर्शाता है कि यूके के फलते-फूलते एयरोस्पेस क्षेत्र के विकास के लिए अनंत सीमा है. उन्होंने कहा कि ये डील डर्बी से वेल्स तक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बेहतर भुगतान वाली नौकरियां और नए अवसर पैदा करेगा, इससे हमारी अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट से जारी एक बयान के अनुसार भारत एक प्रमुख आर्थिक शक्ति है, जिसके 2050 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है, इसमें मिडिल क्लास की भागीदारी अहम होगी. हम वर्तमान में भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं जो हमारे व्यापारिक रिश्तों को नई उंचाई पर ले जाएगा.
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति बाइडेन से की बात
इस डील के सील होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से बात की. पीएम मोदी ने अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी पर संतोष जताया और कहा कि इससे सभी क्षेत्रों में जोरदार विकास हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस डील से दोनों देशों में रोजगार पैदा होगा. पीएम मोदी ने दूसरी अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का न्यौता दिया.
बाइडेन ने कहा, "मुझे आज एअर इंडिया और बोइंग के बीच ऐतिहासिक समझौते के जरिए 200 से अधिक अमेरिका में बनने वाले विमानों की खरीद की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है." अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक चमकदार उदाहरण के रूप में एअर इंडिया और बोइंग के बीच ऐतिहासिक समझौते का स्वागत किया. बता दें कि बोइंग अमेरिकी कंपनी है.
किसी भी एयरलाइन द्वारा, कहीं भी, कभी भी दिया गया सबसे बड़ा ऑर्डर
एअर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने कहा कि यह न केवल किसी भी भारतीय एयरलाइन कंपनी द्वारा दिया गया सबसे बड़ा ऑर्डर है बल्कि किसी भी एयरलाइन द्वारा, कहीं भी, कभी भी दिया गया सबसे बड़ा एकल विमान ऑर्डर है. ये ऑर्डर भारत के असाधारण पैमाने और विकास के अवसर के अद्वितीय मौके की गवाही देता है.