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Tata की इस कंपनी को अमेरिका में झटका, 1750 करोड़ रुपये भरने का फरमान! जानें क्या है मामला?

टीसीएस (TCS) पर आरोप है कि उसने अपने TCS Bancs नामक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को डेवलप करने के लिए अमेरिका की आईटी कंपनी डीएक्ससी (DXC) (पूर्व में CSC) के सोर्स कोड का गलत इस्तेमाल किया था. इस पर अमेरिकी की जूरी ने ये फैसला किया है.

देश की दूसरे सबसे मूल्यवान कंपनी है टीसीएस देश की दूसरे सबसे मूल्यवान कंपनी है टीसीएस
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

देश के सबसे पुराने कारोबारी घराने टाटा ग्रुप (Tata Group) की आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसिज (TCS) को अमेरिका (America) में बड़ा झटका लगा है. दरअसल, एक अमेरिकी जूरी ने कंपनी को 21 करोड़ डॉलर या करीब 1750 करोड़ रुपये से ज्यादा का पेमेंट करने के लिए कहा है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीसीएस मैनेजमेंट ने जूरी के इस फैसले पर असहमति जाहिर की है. 

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सोर्स कोड के गलत उयोग का मामला
रॉयटर्स की पिछले दिनों आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) पर आरोप है कि उसने अपने TCS Bancs नामक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म (Software Platform) को डेवलप करने के लिए अमेरिका की आईटी कंपनी डीएक्ससी (DXC) (पूर्व में CSC) के सोर्स कोड का गलत इस्तेमाल किया था. इस मामले में अमेरिका की एक जूरी ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि Tata Group की कंपनी टीसीएस ने अमेरिकी फर्म के प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म में सेंध लगाकर ट्रेड सीक्रेट को एक्सेस किया था.

DXC ने टीसीएस पर लगाया ये आरोप
इस मामले में DXC कंपनी TCS पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसने ऑथराइजेशन के बिना एपिक सिस्टम्स के वेब पोर्टल को एक्सेस किया था. ये मामला चा साल पुराना है, बता दें कि साल 2018 में टीसीएस ने अपनी डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ट्रांसअमेरिका से 2.5 अरब डॉलर का सौदा किया था, लेकिन जून महीने में ही ट्रांसअमेरिका ने चुनौतीपूर्ण स्थितियों का हवाला देते हुए टीसीएस के साथ 2 अरब डॉलर का 10 वर्षीय करार तोड़ दिया था. 

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2019 में DXC ने केस फाइल करते हुए आरोप लगाया था कि टीसीएस द्वारा नियोजित अधिकांश पूर्व ट्रांसअमेरिका/एमएसआई कर्मचारी उनके सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके ट्रांसअमेरिका/एमएसआई में नीतियों का प्रबंधन कर रहे हैं. 

भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी
अमेरिकी जूरी की ओर से 21 करोड़ डॉलर के भुगतान संबंध मामले में एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि TCS जूरी के फैसले से सहमत नहीं है. इस मामले का फैसला अब कोर्ट में होगा, जिनसे सभी पक्षों से और जानकारी मांगी गई है. कंपनी इस मामले में अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी. 

गौरतलब है कि टीसीएस Tata Group की सबसे दिग्गज कंपनियों में शुमार है और इसका कारोबार दुनियाभर में फैला हुआ है. मार्केट वैल्यू के हिसाब से ये मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी फर्म है. इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन (TCS MCap) 12.65 लाख करोड़ रुपये है. बीते शुक्रवार को कंपनी के शेयर 1.55 फीसदी की गिरावट के साथ 3454 रुपये के लेवल पर क्लोज हुए थे.  

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