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Agri-drones का नामकरण, आनंद महिंद्रा आपसे पूछ रहे हैं- क्या नाम दूं?

आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. कल उन्होंने हिंदुस्तान की आखिरी चाय की दुकान की तस्वीर साझा की थी. आज उन्होंने एक वीडियो शेयर कर बताया कि एग्री सेक्टर में ड्रोन का किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है.

एग्रीकल्चर में ड्रोन का इस्तेमाल एग्रीकल्चर में ड्रोन का इस्तेमाल
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST
  • कृषि में ड्रोन का बड़े पैमाने पर होता है इस्तेमाल
  • आनंद महिंद्रा को लोगों ने सुझाए कई नाम

सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने वाले उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने आज कृषि और ड्रोन से जुड़ा एक पोस्ट किया. उन्होंने कृषि में ड्रोन (Drone) के इस्तेमाल पर चर्चा करते हुए लोगों से पूछा कि इन्हें क्या नाम दिया जाना चाहिए. इसके बाद Twitter पर यूजर्स ने कई रोचक नाम भी सुझाए.

ड्रोन का वीडियो शेयर कर महिंद्रा ने पूछा नाम

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महिंद्रा ने अपने समूह के वेंचर Krish-e का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ड्रोन हमारी दिनचर्या का हिस्सा होने वाले हैं. ड्रोन का खेतों से ज्यादा प्रभावी इस्तेमाल कहीं और नहीं किया जा सकता है. क्या आपके पास कोई आइडिया है कि हम अपने एग्री-ड्रोन को क्या नाम दें? ड्रोन-आचार्य निश्चित तौर पर सामरिक ड्रोनों के लिए ज्यादा सटीक है. इन ग्रीन वारियर्स के लिए अच्छा निकनेम क्या होगा?

यूजर्स ने सुझाए ऐसे-ऐसे नाम

इसके बाद यूजर्स एक से बढ़कर एक नाम सुझाने लगे. एक यूजर ने इनके लिए ड्रोन और एग्री को जोड़कर Dronagiri नाम सुझाया तो, एक अन्य यूजर ने महिंद्रा और ड्रोन को जोड़कर Mahindrone नाम बना दिया. इसे आनंद महिंद्रा ने Retweet भी किया. एक यूजर ने भारत में हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन को याद करते हुए उनके नाम पर 'स्वामी ड्रोन' का सुझाव दिया. इसके रिप्लाइ में दूसरे यूजर ने ड्रोनस्वामी नाम रखने का सुझाव दिया. इनके अलावा अन्नड्रोन, कृषियान, टेकबुल्स, अन्नबंधु, सहड्रोन जैसे नाम भी सुझाए गए.

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मिल चुकी है एग्री में ड्रोन के इस्तेमाल की मंजूरी

सरकार ने पिछले साल कुछ संगठनों को कृषि में ड्रोन के इस्तेमाल पर रिसर्च करने की अनुमति दी थी. यह अनुमति पाने वाले संगठनों में महिंद्रा एंड महिंद्रा का भी नाम शामिल है. महिंद्रा को ड्रोन बेस्ड एग्रीकल्चरल ट्रायल करने के अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में धान व काली मिर्च की फसल पर छिड़काव में ड्रोन का इस्तेमाल करने की मंजूरी मिली है. एग्री से जुड़ी एक अन्य कंपनी TAFE को भी सरकार ने यह मंजूरी दी है.

ड्रोन के आयात पर लगा है प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने ड्रोन के आयात पर हाल ही में प्रतिबंध लगाया है. यह प्रतिबंध 9 फरवरी से लागू हो गया है. इसका मतलब ये हुआ कि अब विदेश से ड्रोन नहीं खरीदे जाएंगे. हालांकि, रिसर्च-डेवलपमेंट, डिफेंस और सुरक्षा के मकसद से ड्रोन का आयात हो सकेगा. सरकार का कहना है कि इससे देश में ही ड्रोन मैन्यूफैक्चरिंग (Drone Manufacturing) को बढ़ावा मिलेगा.

ड्रोन को लेकर बजट में हुआ ये ऐलान

बजट 2022-23 में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ड्रोन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन शक्ति का ऐलान किया है. ड्रोन तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर बढ़ाने की बात कही गई है. अभी कई सेक्टर्स में ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है. कुछ कंपनियां ड्रोन से डिलीवरी शुरू कर चुकी हैं. कृषि में इसे इस्तेमाल से किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.

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