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अमेरिका और यूरोप में बैंकिंग संकट, भारत में क्यों गिर रहे रिलायंस-TCS जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर?

अमेरिका और यूरोप के बैंकिंग संकट का दबाव दुनिया भर के बाजारों में नजर आ रहा है. भारत में भी देश की सबसे बड़ी कंपनियों के शेयरों पर इसका असर नजर आ रहा है. वहीं, बैंकों के शेयरों पर भी इसका प्रभाव दिख रहा है.

अमेरिका में बैंकिंग संकट भारत में बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट. अमेरिका में बैंकिंग संकट भारत में बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

अमेरिका और यूरोप के बैंकिंग संकट (USA-Europe Banking Crisis) से दुनिया भर के मार्केट को झटका लगा है. भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं है. स्टॉक मार्केट में लिस्टेड भारत की बड़ी कंपनियों के शेयरों में पिछले दिनों गिरावट आई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Indutstries) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में गिरावट आई है. अमेरिका और यूरोप के बैंकिंग संकट के बीच भारत के बैंकों के शेयरों पर भी दबाव नजर आ रहा है. अमेरिका में दो बैंकों पर ताला लग गया है और कई दूसरे बैंकों पर भी इस संकट का साया गहराता नजर आ रहा है. 

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर

भारतीय स्टॉक मार्केट की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पिछले कुछ दिनों में टूटे हैं. हालांकि, सोमवार को इसके शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है. लेकिन मार्च के महीने में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लगातार आठ दिन टूटे थे. इसके बाद इसमें तेजी देखने को मिली थी. फिलहाल के आंकड़े को देखें, तो पिछले पांच दिनों में रिलायंस के शेयरों में 0.79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, पिछले एक महीने में ये स्टॉक 6.24 फीसदी टूटा है.

रिलायंस के शेयर का हाल

आज सुबह के कारोबार में ये 2,219.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. मार्केट के जानकारों का कहना है कि बढ़ती ब्याज दरों की वजह से रिलायंस के रिटेल और टेलीकॉम के कारोबार में सुस्ती देखने को मिल रही है. इसका असर स्टॉक पर देखने को मिल रहा है. इसके अलावा FII की बिकवाली की वजह से भी शेयर गिर रहा है.

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TCS के शेयरों का हाल

टीसीएस के शेयरों में भी आज तेजी देखने को मिल रही है. लेकिन इस आईटी कंपनी के शेयरों में पिछले पांच दिनों में 0.12 फीसदी टूटा है. अभी तक अमेरिका के दो बैंक डूब चुके हैं लेकिन आशंका है की अगर फेड रिजर्व एक बार फिर से ब्याज दरों में इजाफा करता है तो इससे कई और बैंकों पर संकट आ सकता है. अगर ऐसा हुआ तो फिर इसका असर भारत की IT इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है.

HfS Research के फाउंडर Phil Fersht का कहना है कि अमेरिका के क्षेत्रीय बैंकों की वित्तीय हालत खराब है. इससे उन्हें सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनियों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. इनमें TCS और इन्फोसिस भी शामिल हैं. Fersht ने कहा, 'मैंने इस सप्ताह एक IT फर्म के CEO से बात की जिन्होंने कहा है कि पूरा सेक्टर बैंकिंग संकट से चिंतित है. इसका दबाव TCS के शेयरों पर नजर आ रहा है. 

TCS के शेयर का हाल

भारतीय बैंकों के शेयरों का हाल

वहीं, अगर देश के बड़े बैंकों के शेयरों पर नजर डालें, तो इनका आंकड़ा भी कुछ खास नजर नहीं आ रहा है. पिछले पांच दिनों में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 2.30 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. महीनेभर में ये शेयर 3.64 फीसदी टूटा है.

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वहीं, प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों की बात करें, तो पिछले पांच दिनों में इसमें मामूली 0.21 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है. आज ये शेयर सुबह के कारोबार में 0.67 फीसदी की तेजी के साथ 1,571.15 रुपये पर कारोबार कर रहा था. ICICI बैंक के शेयरों का प्रदर्शन भी पिछले पांच दिनों में कुछ खास नहीं रहा है. पंजाब नेशनल बैंक के शेयर पिछले पांच दिनों में 3.91 फीसदी टूटे हैं.

क्या अभी और खराब होंगे हालात?

सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक के डूबने के बाद अमेरिका का बैंकिंग संकट अपनी चपेट में कई और बैंकों को भी ले सकता है. यूरोप का क्रेडिस सुइस बैंक संकट में फंसकर बिक गया. वित्तीय संकट से जूझ रहे स्विट्जरलैंड के बैंक क्रेडिट सुइस (Credit Suisse) का अधिग्रहण यूनियन बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड (USB) करेगा. 

आशंका जताई जा रही है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो फिर अमेरिका के लगभग 110 बैंक सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक जैसे संकट में फंस सकते हैं. बैंकिंग संकट को सुलझाने के लिए अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने बैंकों को 250 अरब डॉलर की वित्तीय मदद मुहैया करवाई है. 

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