
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आगामी बजट 2025, 1 फरवरी को पेश करने वाली हैं. बजट से पहले भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आ चुकी है. Nifty50 एक महीने के दौरान 2 फीसदी और सेंसेक्स 2.19% गिर चुका है, लेकिन अब लगातार तीन दिनों से इसमें तेजी देखी जा रही है. आज भी शेयर बाजार तेजी पर बंद हुआ.
अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटा 5.6% पर है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इसे 4.94% पर लाने का लक्ष्य है. सरकार का लक्ष्य 2026-2027 तक राजकोषीय घाटे को 4.5% से कम करना है. अगर इस चीज पर बजट फोकस रहा तो शेयर बाजार में तेजी दिख सकती है. बिजनेस टुडे ने बाजार एक्सपर्ट्स से राजकोषीय घाटे को लेकर बात की है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स इसे लेकर क्या मानते हैं?
रेलिगेयर ब्रोकरेज के रवि सिंह ने कहा कि राजकोषीय घाटा लक्ष्य शेयर बाजार में तेजी ला सकता है, अगर इसे कम करने का प्रयास बजट में किया जाता है तो. यह सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 4.5% होने की उम्मीद है, क्योंकि कैपिटल गेन एक्सपेंडेचर में इजाफा होने से राजकोषीय घाटे को कम किया जा सकता है. हालांकि, इस लक्ष्य को कैसे माना जाता है यह व्यापक आर्थिक लक्ष्यों और विकास और स्थिरता के बारे में निवेशकों की अपेक्षाओं पर निर्भर करेगा.
प्रभुदास लीलाधर के अमनीश अग्रवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू कलेक्शन जीएसटी के वीक परफॉर्मेंश, शहरी मांग में कमी और कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में स्थिरता के कारण ब्रेक रहा है. जबकि वित्त वर्ष 2025 की 8 महीनों के दौरान इनकम टैक्स में 23.5% की मजबूत वृद्धि हुई है. एक्सपर्ट का कहना है कि ऐतिहासिक रुझान बताते हैं कि राजस्व व्यय लक्ष्य से अधिक हो सकता है, जबकि कमजोर नाममात्र जीडीपी बढ़ोतरी और कम पूंजीगत व्यय से वित्त वर्ष 2025 के लिए जीडीपी के 4.9% के लक्ष्य के साथ राजकोषीय घाटे को सक्षम करना चाहिए.
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के सीईओ ने अजय गर्ग ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.5% से 4.9% के बीच राजकोषीय घाटे का लक्ष्य राजकोषीय समेकन और आर्थिक विकास को बनाए रखने के बीच संतुलन बना सकता है.
स्टॉक्सबॉक्स के मनीष चौधरी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार वित्त वर्ष 26 के लिए 4.5% का राजकोषीय घाटा लक्ष्य निर्धारित करेगी, जो बाजार सहभागियों को खुश कर सकता है.