
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के चेयरमैन आर. सी. भार्गव का कहना है कि आज की तारीख में भारत में चलने वाली किसी भी इलेक्ट्रिक कार की तुलना में Toyota की हाइब्रिड कार कम कार्बन उत्सर्जन करती है. उन्होंने इसका पूरा गणित भी समझाया...
Greener है टोयोटा की हाइब्रिड कार
देश में ऑटो सेक्टर के फ्यूचर को लेकर बिजनेस टुडे के माइंड रश (BT MindRush 2022) कार्यक्रम के एक सत्र में भार्गव ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक कारें आना लाजिमी है, लेकिन इनको लाने का जो मूल कारण है कार्बन न्यूट्रैलिटी, वो मौजूदा समय में मुश्किल है. भारत में हम ग्रिड की 75% बिजली कोयला जलाकर पैदा करते हैं और उससे इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करते हैं. इस तरह अगर भारतीय संदर्भ में देखें तो किसी इलेक्ट्रिक कार की तुलना में टोयोटा की हाइब्रिड कार कम कार्बन उत्सर्जन करती है.
इलेक्ट्रिक कारें बहुत महंगी
आर. सी. भार्गव ने ये भी कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक कारों को अपनाने में वेस्टर्न कंट्री की तुलना में ज्यादा वक्त लगेगा. मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक कारों की कीमत, सामान्य पेट्रोल कार से लगभग 50% ज्यादा है. जबकि इंडिया का 70% कार मार्केट छोटी कारों का है. मतलब कि ऐसी कारें जिनकी कीमत 6 से 7 लाख रुपये के बीच है. इनमें भी अधिकतर कार खरीदार ऐसे हैं जिनके पास कार खड़ी करने के लिए ना तो पार्किंग स्पेस है, ना गैराज है और ना ही ऐसी कोई व्यवस्था जहां वो इलेक्ट्रिक कार खरीदकर उसे चार्ज कर सकें.
महंगी होने पर लोगों ने कार खरीदना छोड़ा
भार्गव ने इंडिया के कार मार्केट को गहराई से समझाते हुए कहा कि जब से भारत ने BS4 से BS6 पर मूव किया है, तब से कारों की कीमत बढ़ी है. इससे बाजार में कारों की सेल गिरी है. छोटी कारों के सेगमेंट में ही 28% सेल गिरी है. जबकि सेकेंड हैंड कारों की सेल बढ़ी है. इतना ही नहीं इस ट्रांजिशन की वजह से 2-व्हीलर्स की सेल भी गिरी है क्योंकि लोग गाड़ियां महंगी होने पर उन्हें खरीद ही नहीं पा रहे.
महंगी होने पर लोगों ने कार खरीदना छोड़ा
भार्गव ने The Automobile Challenge in an Uncertain World सत्र के दौरान छोटी कारों के मुकाबले एसयूवी की सेल बढ़ने का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि एसयूवी का बेस नंबर छोटा है, इसलिए प्रतिशत में उनकी सेल बढ़ रही है, लेकिन छोटी कारों की सेल का नंबर बहुत बड़ा है. इतना ही नहीं इंडिया में एसयूवी कारों से ज्यादा डिमांड CNG Cars की सेल में देखी जा रही है.
इलेक्ट्रिक कारों से बेहतर Bio Gas का विकल्प
आर. सी. भार्गव ने कहा कि यदि हमें कार्बन उत्सर्जन कम करना है तो हमारे पास इलेक्ट्रिक कारों के अलावा भी विकल्प हैं. सीएनजी कार इनमें से एक हैं. जबकि हमें सबसे ज्यादा ध्यान Bio Gas पर देने की है. भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा पशुधन है, खेती-किसानी से निकलने वाला कचरा है. हम इसका उपयोग Bio Gas बनाने में अभी ना के बराबर करते हैं, लेकिन ये कार्बन उत्सर्जन कम करने मे काफी अहम हो सकता है.
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