
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बुधवार को नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NMDC) और नगरनार स्टील प्लांट के डीमर्जर को मंजूरी दे दी है. अब दोनों अलग कंपनियां होंगी. इसके अलावा कैबिनेट ने विदेश से कच्चा तेल सस्ती दर पर खरीदकर भंडारण करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को 3,874 करोड़ रुपये का आवंटन मंजूर किया है.
एनएमडीसी और नगरनार प्लांट का डीमर्जर अप्रैल 2021 तक पूरा होगा. छत्तीसगढ़ के नगरनार स्टील प्लांट का बाद में विनिवेश होगा जो सितंबर 2021 तक पूरा होगा. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को सीसीईए के निर्णयों की जानकारी दी.
क्यों हो रहा डीमर्जर
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार का यह मानना है कि खनन और स्टील उत्पादन दोनों अलग कारोबार हैं, इसलिए दोनों कारोबार को अलग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अभी नगरनार स्टील प्लांट का 90 फीसदी काम पूरा हो गया है और मार्च तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा.
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विदेश से सस्ता कच्चा तेल खरीदेगी सरकार
केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट ने विदेशी बाजार से सस्ती दर पर कच्चा तेल खरीदने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को 3,874 करोड़ रुपये का आवंटन मंजूर किया है. इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के मौजूदा पेट्रोलियम भंडार की वाणिज्यिक व्यवहारिता बढ़ाने के लिए 'एडीएनओसी मॉडल' (ADNOC Model) के संशोधन को मंजूरी दी है.
उन्होंने बताया कि यूएई की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने भारत में बड़े पैमाने पर तेल भंडार रखे हैं. इसके लिए खर्च कंपनी ही वहन कर रही है. इससे भारत की तेल सुरक्षा बढ़ी है. इसलिए सरकार ने उसके स्टोरेज केंद्र में कारोबार को सुगम बनाने के लिए कई जरूरी बदलावों को भी मंजूरी दी है.