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GDP के आंकड़े आज जारी नहीं करेगा चीन, अचानक लिया फैसला, किस बात का है डर?

चीन 18 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी करने वाला था. लेकिन ठीक एक दिन पहले चीन ने इसे टाल दिया है. इसको लेकर अब कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. कहा जा रहा है खराब आर्थिक सुधारों की वजह से आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं.

तिमाही जीडीपी के आंकड़े आज जारी नहीं करेगा चीन. तिमाही जीडीपी के आंकड़े आज जारी नहीं करेगा चीन.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST

आर्थिक मंदी की आशंका के बीच चीन (China) अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़े इस बार देर से जारी करेगा. इसके अलावा इकोनॉमी से जुड़े अन्य स्टैंडर्ड के आंकड़े भी इस बार देर से आएंगे. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने बताया कि आर्थिक आंकड़ों को जारी करने की तारीख फिलहाल टाल दी गई है. हालांकि, इसके पीछे क्या वजह है इसको लेकर अभी कोई भी जानकारी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है.

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चीन ने ऐसे समय में जीडीपी के आंकड़े को जारी नहीं करने का फैसला किया है, जब वहां सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के सभी दिग्गज नेता पांच साल पर होने वाले सम्मेलन में एक साथ जुटे हैं. सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग लगातार तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति चुने जाने वाले हैं.

आज आने थी जीडीपी के आंकड़े

चीनी आज यानी 18 अक्टूबर को अपनी जीडीपी के आंकड़े जारी करने वाला था. लेकिन 17 अक्टूबर को चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने कहा कि आंकड़े 18 अक्टूबर को जारी नहीं किए जाएंगे. आर्थिक जानकारों ने सितंबर की तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ कमजोर रहने की उम्मीद जताई थी. एक्सपर्ट्स का कहना था कि यह पिछले दो साल का सबसे खराब प्रदर्शन भी हो सकता है. चीन ने कोविड से निपटने के लिए अपने कई आर्थिक शहरों में कड़े लॉकडाउन लगाए थे. साथ ही रियल स्टेट मार्केट में आए संकट ने चीन की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया था. 

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अच्छे संकेत नहीं

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की तीसरी तिमाही के जीडीपी डेटा और अन्य आर्थिक स्टैंडर्ड के आंकड़े मंगलवार को सत्ताधारी पार्टी के सम्मेलन 'कांग्रेस' के बीच जारी किए जाने वाले थे. चीन में स्टैंडर्ड बैंक ग्रुप लिमिटेड के मुख्य अर्थशास्त्री जेरेमी स्टीवंस ने कहा कि डेटा रिलीज को टालना अच्छे संकेत नहीं हैं. क्योंकि चीन की तिमाही के आंकड़े को दुनिया भर के निवेशक बारीकी से देखते हैं.

सम्मेलन की वजह से बदलाव

रायटर्स के अनुसार, नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के मीडिया ऑफिस में टेलीफोन का जवाब देने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी के सम्मेलन की वजह से आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं. सम्मेलन की कार्य व्यवस्था और एडजस्टमेंट के कारण इसमें बदलाव किया गया है.

लकॉडाउन का दिख रहा असर

ब्लूमबर्ग के सर्वे के अनुसार, अर्थशास्त्रियों को उम्मीद थी कि अप्रैल-जून की अवधि में लगभग जीरो ग्रोथ के बाद चीन की जीडीपी तीसरी तिमाही में 3.3 फीसदी रह सकती है. हालांकि, ये ग्रोथ दर फिर भी चीन के लिए कम ही होगी. ये आंकड़े चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़े कोरोना के प्रभाव को दिखाते हैं. चीन ने इस महामारी से निपटने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए थे. साथ ही हाल के इतिहास के सबसे बड़ी प्रॉपर्टी मंदी को भी ये आंकड़े दर्शाते हैं.

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रायटर्स के अनुसार, हांगकांग में जोन्स लैंग लासले के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रूस पैंग कहते हैं- 'आंकड़ों को जारी करने में देरी खराब आर्थिक सुधारों की वजह से नहीं की गई है, बल्कि इसकी वजह चीन में इस वक्त चल रहा कम्युनिस्ट पार्टी का सम्मेलन है. अधिकारी चाहते हैं कि मीडिया और जनता इस सम्मेलन पर ध्यान केंद्रित करे.'

चीन ने तय किया है लक्ष्य

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ने इस साल 5.5 फीसदी की दर से अपनी जीडीपी ग्रोथ का लक्ष्य रखा है. हालांकि, कई आर्थिक जानकारों का कहना है कि चीन को इस लक्ष्य को हासिल करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने नसाल 2022 और 2023 के लिए चीन की जीडीपी ग्रोथ को घटाकर 3.2 फीसदी और 4.4 फीसदी कर दिया है.

 

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