
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के चीफ चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) बिहार में NDA के सीट बंटवारे के बाद अब हाजीपुर सीट (Hajipur) से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. ये उनके पिता की परंपरागत सीट रही है, जहां से दिवंगत राम विलास पासवान 9 बार सासंद बने थे. अब उनके बेटे चिराग पासवान पिता की सीट से चुनाव लड़ेंगे. फिल्मों के अभिनय से राजनीतिक गलियारों तक का सफर तय करने वाले चिराग पासवान करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, जबकि उनके पास कोई भी देनदारी नहीं है.
1.84 करोड़ है चिराग पासवान की नेटवर्थ!
कम्प्यूटर इंजीरियरिंग से बीटेक.. फिर फिल्मों में एक्टिंग के रास्ते राजनीति में एंट्री लेने वाले Chirag Paswan ने साल 2014 में जमुई बिहार से चुनाव जीता था. पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद परंपरागत सीट हाजीपुर से अब ताल ठोक रहे हैं. संपत्ति की बात करें तो 2014 में चुनाव आयोग में जमा कराए गए हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल चल-अचल संपत्ति (Chirag Paswan Net Worth) 1.84 करोड़ रुपये है. इसमें 35,000 रुपये कैश और करीब 23 लाख रुपये का बैंक डिपॉजिट शामिल है. खास बात ये है कि करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद चिराग के ऊपर कोई देनदारी नहीं है.
शेयरों में तगड़ा निवेश, 90 लाख का है घर
चिराग पासवान ने कई कंपनियों के शेयरों में निवेश किया हुआ है. चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक, छह कंपनियों में उन्होंने लगभग 35 लाख रुपये इन्वेस्ट किए हैं. उन्होंने अपने लिए कोई भी इंश्योरेंस या सेविंग्स अकाउंट नहीं खुलवाया है और कोई भी लोन नहीं लिया है. यही नहीं चिराग पासवान के पास ना तो कई सोने-चांदी के जेवर हैं और ना ही कोई हथियार उनके नाम पर रजिस्टर्ड है. चल संपत्ति में कार कलेक्शन की बात करें तो चिराग पासवान लग्जरी गाड़ियों के भी शौकीन हैं. उनके पास 5 लाख रुपये की 2015 मॉडल की जिप्सी है और एक फॉर्चुनर भी है जिसकी कीमत 30 लाख रुपये है.
अचल संपत्ति की बात करें तो Chirag Paswan के नाम पर कोई एग्रीकल्चर लैंड नहीं है और ना ही कोई कॉमर्शियल बिल्डिंग है. उनके नाम पर एक घर है, जिसकी कीमत तकरीबन 90 लाख रुपये बताई गई है.
चाचा-भतीजा होंगे हाजीपुर से आमने-सामने
हाजीपुर सीट को लेकर ऐलान के बीच ये जिक्र करना भी जरूरी है कि यहां पर रामविलास पासवान के निधन के बाद परिवार की सियासी जंग भी चरम पर रही है. रामविलास पासवान के भाई पशुपति नाथ पारस ने उनके बेटे चिराग पासवान को पार्टी से बाहर किया था और पार्टी के सभी सांसद भी पशुपति कुमार पारस के साथ चले गए. फिर वह केंद्रीय मंत्री बने और पार्टी को लेकर चाचा भतीजे के बीच सियासी जंग जारी रही. अब NDA की सीट बंटवारे के बाद चिराग पासवान का कद ज्यादा बड़ा नजर आ रहा है. दरअसल, एनडीए ने चिराग पासवान की पार्टी को पांच सीटें दी हैं, जबकि पशुपति कुमार पारस गुट को कोई सीट नहीं मिली है.