
पिछले महीने की पहली तारीख को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती को रोलबैक करते हुए इसे एक ‘चूक’ बताया था. इस पर इंडिया टुडे-आजतक की एक RTI पर सरकार के जवाब को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने पलटवार किया है. जानें क्या-क्या बोले चिदंबरम
वित्त मंत्री का फैसले को चूक बताना ‘मनगढंत कहानी’
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कई ट्ववीट कर कहा कि जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती के फैसले को 12 घंटे से भी कम समय में वापस ले लिया था तो कहा था कि ये ‘चूक’ है. दरअसल ये ‘चूक’ की पूरी बात ही एक ‘मनगढंत कहानी’ थी. इस तरह के निर्णय ‘निश्चित तौर’ पर ‘सुपीरियर अथॉरिटी’ (वित्त मंत्री) ही लेती हैं.
‘पहले ही कहा था कि ये चूक नहीं’
चिदंबरम ने कहा, ‘मैंने पहले ही कहा था कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती का निर्णय कोई ’चूक’ नहीं, जैसा कि वित्त मंत्री ने दावा किया था. ये एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय था जिसकी फाइल पर वित्त मंत्री हस्ताक्षर किए थे. इसे ‘चूक’ बताना सरकार की ओर से पेश की गई ऐसी कहानी है जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता.
चिदंबरम ने कहा कि इतना ही नहीं बचत कटौती पर ’रोलबैक’ का फैसला भी निश्चित तौर पर ‘सुपर अथॉरिटी’ (वित्त मंत्री’ की मंजूरी से किया गया होगा और उन्होंने ‘रोलबैक’ की फाइल पर भी साइन किए होंगे. अब आपको समझ में आया होगा कि क्यों मोदी सरकार RTI का विरोध करती रही है.’
Just as I had said, the decision to lower the interest rates on small savings instruments with effect from April 1, 2021 was not an “inadvertent error” as was claimed by the FM.
It was a conscious decision taken on file and approved/signed by the FM.
जयराम रमेश ने भी ली चुटकी
पी. चिदंबरम के ट्वीट को शेयर करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी चुटकी ली. उन्होंने लिखा कि RTI ने तथाकथित ‘oversight’ को लेकर कई नए ‘insight’ दिए.
‘इंडिया टुडे-आजतक’ की RTI पर मिला ये जवाब
आखिर ब्याज दरों में कटौती का फैसला किसने लिया था? यह जानने के लिए इंडिया टुडे-आजतक ने वित्त मंत्रालय से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी. इसके जवाब में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने कहा, 'छोटी बचतों पर ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा की फाइल माननीय वित्त मंत्री ने मंजूर की थी.’
आखिर इस फैसले को फिर वापस लेने का निर्णय किसका था, इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा, 'छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर के फैसले को वापस लेने के निर्णय को माननीय वित्त मंत्री ने मंजूर किया था.'
इसका मतलब यह है कि ब्याज दरों में कटौती का निर्णय और फिर 12 घंटे के भीतर इस फैसले का वापस लेने का निर्णय, दोनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुद लिया था.
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