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इधर 7 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य होगा हासिल, उधर भारत बन जाएगा अपर मिडिल क्लास कंट्री! जानिए मायने

क्रिसिल के मुताबिक देश की ग्रोथ घरेलू स्ट्रक्चरल सुधारों के दम पर तेजी से बढ़ेगी और ये 2031 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी होगी.

Indian GDP Target Indian GDP Target
आदित्य के. राणा
  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST

हाल ही में आई SBI की रिपोर्ट में भारत में गरीबी घटने का दावा किया गया था. अब क्रिसिल की रिपोर्ट में देश की तेज विकास दर के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि 2031 तक भारत अपर मिडिल क्लास कंट्री बन सकता है. उस वक्त तक भारतीय अर्थव्यवस्था दोगुनी होकर 7 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान लगाया गया है. 

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क्रिसिल के मुताबिक देश की ग्रोथ घरेलू स्ट्रक्चरल सुधारों के दम पर तेजी से बढ़ेगी और ये 2031 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी होगी. इस रेस में ये अपने तय किए आर्थिक लक्ष्यों को भी पार कर सकती है.

2031 में 4500 डॉलर/व्यक्ति आय
क्रिसिल इंडिया आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में भारत की विकास दर 7.6 फीसदी तक जाने के बाद 2024-25 में 6.8 परसेंट हो सकती है. लेकिन 2031 तक भारत की औसत विकास दर 6.7 फीसदी रहने से प्रति व्यक्ति आय को अपर मिडिल क्लास कैटेगरी में पहुंचा सकती है और तब भारत में पर कैपिटा इनकम बढ़कर 4,500 डॉलर हो सकती है. वर्ल्ड बैंक की परिभाषा के मुताबिक निम्न-मध्यम आय वाले देशों में प्रति व्यक्ति आय 1 हजार से 4 हजार डॉलर के बीच होती है जबकि उच्च-मध्यम आय वाले देशों में प्रति व्यक्ति आय 4 हजार से 12 हजार डॉलर के बीच होती है. 

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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का चलेगा मैजिक
भारत की तरक्की में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान जबरदस्त तरीके से बढ़ा है. इसकी प्रमुख वजहों में शामिल हैं, उच्च क्षमता उपयोग, ग्लोबल सप्लाई चेन का डायवर्सिफिकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश पर जोर, ग्रीन सेक्टर की तरफ तेजी से बढ़ते कदम और लेंडर्स की मजबूत बैलेंस शीट. ऐसे में क्रिसिल का मानना है कि लगातार जारी सुधार, बढ़ता हुआ ग्लोबल कंपीटीशन और वैल्यू चेन में आगे बढ़ने से देश की जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 2031 में 20 फीसदी से ज्यादा हो सकती है. 

इन सेक्टर्स के दम पर दौड़ेगी इकॉनमी
आगे चलकर भारतीय इकोनॉमी की ग्रोथ में जिन दूसरे सेक्टर्स का बड़ा रोल रहेगा उनमें शामिल हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एनर्जी ट्रांजीशन इंटेंसिव. वहीं मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर 2031 तक भारत की ग्रोथ में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी निभाते रहेंगे. इन दोनों को ताकत देने के लिए घरेलू और ग्लोबल डिमांड मौके मुहैया कराती रहेंगी. क्रिसिल के मुताबिक 2025 से 2031 के बीच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.1 फीसदी और सर्विसेज सेक्टर में 6.9 परसेंट की दर से ग्रोथ का अनुमान है. 

7 साल में दोगुनी होगी GDP
क्रिसिल का कहना है कि इससे आने वाले इन 7 बरसों के दौरान भारत की GDP मौजूदा 3.6 ट्रिलियन डॉलर के आकार से बढ़कर 2031 तक 6.7 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी. हालांकि ग्रोथ के इस रास्ते पर भू-राजनीतिक तनाव, असमान वैश्विक सुधार, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी ब्रेकर्स तरक्की के रास्ते में आते रहेंगे.

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