
दुनियाभर के इन्वेस्टर क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) से हाल के दिनों में तेजी से पैसे निकाल रहे हैं. सिर्फ 2022 के पहले सप्ताह में इन्वेस्टर्स ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट और फंड से रिकॉर्ड 207 मिलियन डॉलर (करीब 1,526.69 करोड़ रुपये) की निकासी कर ली. इन्वेस्टर ऐसे समय में अपना निवेश बेचकर एक्जिट कर रहे हैं, जब प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी के भाव लगातार गिर रहे हैं.
चार सप्ताह से क्रिप्टो एसेट बेच रहे इन्वेस्टर
Reuters की एक रिपोर्ट में डिजिटल एसेट मैनेजर CoinShares के हवाले से बताया गया है कि दिसंबर के बाद यह लगातार चौथा सप्ताह है, जब इन्वेस्टर्स ने क्रिप्टोकरेंसी से पैसे निकाले. इन चार सप्ताह के दौरान 465 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी ये इन्वेस्टर बेच चुके हैं.
एक महीने में 20% कम हुआ बिटकॉइन का भाव
इस ट्रेंड का सबसे ज्यादा नुकसान बिटकॉइन (Bitcoin) को ही हुआ है. पिछले एक सप्ताह के दौरान 107 मिलियन डॉलर के बिटकॉइन बेचे गए हैं. बिटकॉइन एमकैप के हिसाब से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है. चार सप्ताह पहले यानी 12 दिसंबर को बिटकॉइन का भाव 50 हजार डॉलर से ऊपर था. उसके बाद से अब तक बिटकॉइन के रेट में करीब 20 फीसदी की भारी-भरकम गिरवट आई है. अभी इसका रेट गिरकर 42 हजार डॉलर के आस-पास आ चुका है.
करीब 1000 डॉलर गिर गया इथेरम का रेट
इसी तरह दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरम (Etherum) से एक सप्ताह में 39 मिलियन डॉलर की निकासी की गई है. करीब एक महीने में इन्वेस्टर्स ने अपने वॉलेट से 200 मिलियन डॉलर के इथेरम खाली किए हैं. यह इस दौरान बिटकॉइन से ज्यादा गिरा है. एक महीने पहले यह 4,200 डॉलर के आस-पास था, जो अभी करीब 1000 डॉलर नीचे आ चुका है. इस तरह एक महीने में इथेरम का रेट करीब 22 फीसदी गिरा है.
इस कारण कम हुआ क्रिप्टो का क्रेज
कॉइनशेयर का मानना है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के कारण क्रिप्टोकरेंसी का क्रेज कम हुआ है. फेडरल रिजर्व बढ़ती महंगाई को लेकर चिंतित है. इसके कारण फेडरल रिजर्व अनुमान से ज्यादा तेजी से रेट बढ़ाने की राह पर लौट सकता है. ऐसा हुआ तो मार्केट में लिक्विडिटी कम होगी और इन्वेस्टर्स के पास क्रिप्टोकरेंसी में लगाने के लिए पैसे की कमी हो जाएगी.