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BPCL की बिक्री की राह में रोड़े! अब 16 नवंबर तक EOI जमा करने का मौका

सरकार ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में हिस्सेदारी खरीदने के लिए प्रारंभिक बोली जमा करने की समयसीमा डेढ़ महीने बढ़ाकर 16 नवंबर तक कर दी है.

16 नवंबर तक की डेडलाइन 16 नवंबर तक की डेडलाइन
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:37 PM IST
  • वित्त वर्ष 2020-21 में 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
  • BPCL में सरकार की पूरी 52.98% हिस्सेदारी की होगी बिक्री
  • ईओआई जमा करने की नई डेडलाइन 16 नवंबर है

देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में सरकार अपनी समूची हिस्सेदारी बेच रही है. हालांकि, सरकार को अब तक ढंग का खरीदार नहीं मिल सका है. यही वजह है कि बीपीसीएल के लिए रुचि पत्र (EOI) जमा करने की डेडलाइन बार-बार बढ़ाई जा रही है.  

नई डेडलाइन 16 नवंबर
सरकार ने बीपीसीएल में हिस्सेदारी खरीदने के लिए EOI जमा करने की समयसीमा डेढ़ महीने बढ़ाकर 16 नवंबर तक कर दी है. एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, ‘‘इच्छुक बोलीदाताओं (आईबी) के अनुरोध और कोविड-19 महामारी से पैदा हुई मौजूदा स्थितियों को देखते हुए EOI जमा करने की अंतिम तारीख को आगे 16 नवंबर 2020 (शाम पांच बजे) तक बढ़ा दिया गया है. ’’  आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष 2020- 21 के लिए सरकार ने अलग-अलग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा लक्ष्य रखा है. हिस्सेदारी बिक्री कंपनियों की लिस्ट में एयर इंडिया और एलआईसी भी शामिल है. 

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चौथी बार बढ़ी डेडलाइन
यह चौथा मौका है जब सरकार ने ईओआई जमा कराने की तारीख को आगे बढ़ाया है. पहले ईओआई जमा कराने की तारीख दो मई थी, लेकिन 31 मार्च को इसे बढ़ाकर 13 जून किया गया. 26 मई को इसे बढ़ाकर 31 जुलाई किया गया. इसके बाद 30 सितंबर तक की डेडलाइन दी गई. अब एक बार फिर 16 नवंबर तक का मौका दिया जा रहा है. आपको बता दें कि ईओआई के जरिए ये मालूम होता है कि कौन-कौन सी कंपनियां या निवेशक बोली लगाने को इच्‍छुक हैं.  

सरकार की 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी 
बीपीसीएल में सरकार की कुल 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी है. सरकार के पास कंपनी के 114.91 करोड़ शेयर हैं जो कंपनी की 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है. इसके अलावा रणनीतिक खरीदार को कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण भी ट्रांसफर किया जाएगा. हालांकि इसमें कंपनी की नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 61.65 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल नहीं है.  

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