
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के आईपीओ (Electonics Mart IPO) को शानदार रिस्पॉन्स मिला था. सोमवार को कंपनी की लिस्टिंग स्टॉक मार्केट में हो सकती है. 5पैसा डॉट कॉम के अनुसार, इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) शुक्रवार को 30 रुपये के आसपास था. उम्मीद जताई जा रही है कि इसकी लिस्टिंग इश्यू प्राइस से 50 फीसदी ऊपर हो सकती है.
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट का 500 करोड़ रुपये का आईपीओ 4 अक्टूबर को ओपन हुआ था. लोगों ने 7 अक्टूबर तक इसमें इन्वेस्टमेंट किया और अब इसकी लिस्टिंग सोमवार को होने की उम्मीद है. इस आईपीओ के लिए कंपनी ने शेयर प्राइस बैंड 56-59 रुपये रखा था.
Electronics Mart के शेयर ग्रे मार्केट में 30 रुपये प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. इस हिसाब से देखें तो (59+30=89) 89 रुपये पर पर लिस्ट हो सकता है. ये इश्यू प्राइस से 50 फीसदी से अधिक है.
72 गुना सब्सक्रिप्शन
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था. आखिरी दिन इसे 72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. इस आईपीओ (IPO) के तहत 6,25,00,000 शेयरों की पेशकश की गई थी. लेकिन इस पेशकश के मुकाबले 71.93 गुना ज्यादा 4,49,53,64,644 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. QIB कैटेगरी को सबसे ज्यादा 169.54 गुना सब्सक्राइब किया गया था.
40 फीसदी अधिक प्रीमियम
ग्रे मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के शेयर जबरदस्त प्रीमियम पर नजर आ रहे हैं. आईपीओवॉच के पास उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि शुक्रवार की शाम के कारोबार में इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 40 फीसदी अधिक था.
कंपनी का कारोबार
इलेक्ट्रॉनिक मार्ट इंडिया 1980 में स्थापित भारत में चौथी सबसे बड़ी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स रिटेल कंपनी है. देश के 36 शहरों में इसके 112 स्टोर्स हैं. कंपनी का करीब 90 पर्सेंट रेवेन्यू रिटेल चेन्स के जरिए आता है. वित्तीय वर्ष 2021-22 में कंपनी को 10,389 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था. इसके साथ ही कंपनी को 4349.32 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था.
कहां पैसा खर्च करेगी कंपनी?
आईपीओ के लिए कम से कम 254 शेयर के लिए अप्लाई किया जा सकता था. यानी इन्वेस्टर्स को एक लॉट के लिए 14,986 रुपये खर्च करने थे. जबकि, आईपीओ के तहत मैक्सिमम 13 लॉट के लिए आवेदन किया जा सकता था. कंपनी आईपीओ से प्राप्त आय को सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के अलावा कैपिटल एक्सपेंडिचर, लोन चुकाने, वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करने में खर्च करेगी.