कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की आज यानी बुधवार को अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि पर साल 2019-20 के लिए 8.5 फीसदी ब्याज दिए जाने के निर्णय की मंजूरी का मामला उठाया जा सकता है. हालांकि, ये मुद्दा बैठक की कार्यसूची का हिस्सा नहीं है.
आपको बता दें कि ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने पांच मार्च की बैठक में ईपीएफ पर 2019-20 के लिए ब्याज दर 8.50 प्रतिशत रखने की सिफारिश की थी जो पहले से 0.15 प्रतिशत अंक कम है. इससे पहले वर्ष 2018-19 के लिए ईपीएफ खाताधारकों को अपने जमा धन पर 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज मिला था. ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2016-17 में भविष्य निधि पर 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत का ब्याज दिया था. वहीं, 2015-16 में यह 8.8 प्रतिशत वार्षिक था.
वित्त मंत्रालय की सहमति का इंतजार
ईपीएफओ की यह प्रस्तावित दर सात साल की न्यूनतम होगी. केंद्रीय न्यासी बोर्ड के इस निर्णय को वित्त मंत्रालय की सहमति के लिए भेज दिया गया था पर अभी तक वित्त मंत्रालय से उसकी मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है. वित्त मंत्रालय की सहमति से ही ईपीएफ पर वार्षिक ब्याज दर में संशोधन का फैसला लागू होता है.
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ETF होल्डिंग्स बेचने पर भी बात
इस बैठक में पुराने ETF होल्डिंग्स बेचने पर भी बात होने की संभावना है. बताया जा रहा है कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) जल्द ही एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में 6,000 करोड़ रुपये के अपने निवेश का हिस्सा बेच सकता है. इस कदम से रिटायरमेंट फंड बॉडी को 2700 करोड़ रुपये की आय होगी.