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राज्यों को मुआवजे के लिए खुला RBI का दरवाजा, GST काउंसिल ने दिए 2 विकल्प

वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की 41वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में राज्यों को जीएसटी के मुआवजे पर मंथन हुई है. वित्त मंत्री ने बताया कि पांच घंटे तक चली बैठक में राज्यों को 2 विकल्प दिए गए हैं. 

GST काउंसिल की 41वीं बैठक GST काउंसिल की 41वीं बैठक
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:47 PM IST
  • GST काउंसिल की 41वीं बैठक
  • निर्मला सीतारमण ने की अगुवाई
  • राज्यों को मुआवजा देने पर मंथन

वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की 41वीं बैठक 27 अगस्त यानी आज हुई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में इस बैठक में राज्यों को जीएसटी के मुआवजे पर मंथन हुई है. वित्त मंत्री ने बताया कि पांच घंटे तक चली बैठक में राज्यों को 2 विकल्प दिए गए हैं. 

विकल्प 1: रिजर्व बैंक की सलाह से राज्यों को एक विशेष विंडो दिया जाए ताकि वे वाजिब ब्याज दर पर 97,000 करोड़ रुपये रकम उधार हासिल कर पायें. इस पैसे को पांच साल बाद वापस किया जा सकता है, क्योंकि तब तक कम्पेनसेशन सेस से पर्याप्त रकम हासिल हो जा​एगी. :
विकल्प 2: राज्य एक विशेष विंडो के द्वारा समूचे जीएसटी कम्पेनसेशन की कमी के बराबर यानी 2.35 लाख करोड़ रुपये का उधार ले सकें. 

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इन दोनों विकल्पों पर अब राज्य 7 दिनों के भीतर अपनी राय देंगे. यानी सात दिन के बाद एक फिर संक्षिप्त बैठक होगी. यह विकल्प सिर्फ इस साल के लिए है. काउंसिल अप्रैल 2021 में फिर बैठेगा और हालात की समीक्षा करेगा. 

वित्त सचिव के मुताबिक कोरोना की वजह से चालू वित्त वर्ष (2020-21) में जीएसटी कम्पेसेशन गैप 2.35 लाख करोड़ रुपये रहने की आशंका है. आकलन के अनुसार चालू वित्त वर्ष में क्षतिपूर्ति के रूप में राज्यों को 3 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी. इसमें से 65,000 करोड़ रुपये की भरपाई जीएसटी के अंतर्गत लगाए गए उपकर से प्राप्त राशि से होगी. इसीलिए कुल कमी 2.35 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.

मुआवजे पर चल रहा बवाल

राज्यों को मई, जून, जुलाई और अगस्त यानी चार महीने का मुआवजा नहीं मिला है. सरकार ने हाल में वित्त मामलों की स्थायी समिति को बताया है कि उसके पास राज्यों को मुआवजा देने के लिए पैसे नहीं हैं. जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद फाइनेंस सेक्रेटरी ने बताया कि केंद्रीय सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीएसटी मुआवजे के रूप में 1.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक जारी किए, जिसमें मार्च के लिए 13,806 करोड़ रुपये शामिल हैं. 2019-20 के लिए जारी मुआवजे की कुल राशि  1.65 लाख करोड़ है, जबकि उपकर राशि 95,444 करोड़ थी. 

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दो पहिया वाहन पर राहत नहीं

वित्त मंत्री ने दो पहिया वाहन को लेकर कुछ नहीं कहा. उम्मीद जताई जा रही थी कि काउंसिल दोपहिया वाहनों पर टैक्स कटौती को लेकर फैसला कर सकती है. अब संभावना जताई जा रही है कि काउंसिल की अगली बैठक में इस पर विचार हो सकता है. बता दें कि बीते दिनों निर्मला सीतारमण ने दोपहिया वाहन पर जीएसटी कटौती के संकेत दिए थे. वित्त मंत्री ने कहा था कि दोपहिया वाहन न तो विलासिता का सामान है और न ही यह अहितकर सामाना की श्रेणी में आता है इसलिये इस पर जीएसटी दर में संशोधन का मामला बनता है.

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उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन पर जीएसटी दर में संशोधन के मामले पर जीएसटी काउंसिल की बैठक में गौर किया जायेगा. वहीं पिछले साल देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी हीरो मोटो कॉर्प ने सरकार से जीएसटी कटौती की अपील भी की थी. वर्तमान में दोपहिया वाहनों पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है. 

12 जून को हुई थी आखिरी बैठक

आपको बता दें कि बीते 12 जून को जीएसटी काउंसिल की आखिरी बैठक हुई थी. बैठक में साल दर साल GST रिटर्न की लेट फीस पर छूट दी गई थी. कोरोना काल में यह पहली बैठक थी. इससे पहले मार्च में जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक हुई थी. 

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