
बीते साल से ही देश में सेमीकंडक्टर प्लांट (Semiconductor Plant) लगाने के लिए फॉक्सकॉन और वेदांता में डील (Foxconn-Vedanta Deal) हुई थी और ये प्लांट गुजरात में लगना था. लेकिन बीते दिनों मामला अटका और ताइवान की दिग्गज कंपनी ने अनिल अग्रवाल की Vedanta से डील कैंसिल कर दी. फिर खबर आई कि कंपनी अकेले ही भारी-भरकम निवेश करके सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करेगी. इस बीच Foxconn के CEO ने भारत में निवेश को लेकर पहले कर्नाटक और अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से मुलाकात की है. ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि क्या फॉक्सकॉन कंपनी अब गुजरात में निवेश नहीं करेगी?
8800 करोड़ का निवेश करेगी फॉक्सकॉन
Foxconn के CEO ब्रांड चेंग (Brand Cheng) ने राज्य में निवेश के उद्देश्य से बीते सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Karnataka CM Siddaramaiah) से मुलाकात की. फिर अगले दिन मंगलवार को चेंग तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) से चर्चा करने के लिए पहुंच गए. मुलाकात के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों से फॉक्सकॉन इंडस्ट्रियल इंटरनेट (FII) की ओर से राज्य में करीब 8,800 करोड़ रुपये के निवेश पर चर्चा की. इस निवेश से 14,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
कर्नाटक सरकार ने निवेश का स्वागत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन से मुलाकात करने के पहले Foxconn CEO ने कर्नाटक के सीएम के साथ इस संबंध में चर्चा की थी. इस दौरान मौजूद राज्य के वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Commerce & Industries Minister) एमबी पाटिल ने इस बड़े इन्वेस्टमेंट प्लान को लेकर ट्विटर पर अपना उत्साह जाहिर किया. उन्होंने एक ट्वीट के जरिए राज्य में इन्वेस्टमेंट और उससे पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों के बारे में बताया. ट्वीट में कहा गया है कि कर्नाटक Foxconn मेगा इन्वेस्टमेंट का स्वागत करते हैं. इससे न केवल तकनीकी को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
पहले गुजरात में प्लांट लगाने की थी योजना
भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देशय के मद्देनजर भारतीय उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी ने ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) के साथ जो डील की थी, उसके मुताबिक गुजरात में 19.5 अरब डॉलर (करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये ) के निवेश के साथ सेमीकंड्क्टर और डिस्प्ले प्रोडक्शन प्लांट लगाने का ऐलान किया गया था. लेकिन बीते दिनों फॉक्सकॉन ने बिना कोई कारण बताए ही इस डील के अपने हाथ खींच लिए थे. इसके तुरंत बाद फॉक्सकॉन ने अकेले ही देश में प्लांट लगाने की तैयारी का खुलासा किया था.
Vedanta की भी तैयारी जोरों पर
देश में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए की गई डील से फॉक्सकॉन के कदम पीछे खींचने के बाद अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड की ओऱ से भी एक बयान जारी कर टिप्पणी की गई थी. वेदांता के मुताबिक, वह सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए प्रतिबद्ध है और भारत के पहले सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए अन्य पार्टनर्स भी ढूंढ़े हैं. कंपनी ने जल्द प्रोडक्शन ग्रेड 28nm का लाइसेंस मिलने का विश्वास जताया है.