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पेट्रोल-डीजल की महंगाई का हर रिकॉर्ड पार, 2021 में ईंधन के दाम बढ़े 43 बार!

पेट्रोल और डीजल के दाम क्रिकेट स्कोर की तरह हो गए हैं, पेट्रोल की कीमत तो सच में कभी नर्वस 90 में रहती है तो कभी 100 से भी पार चली जाती है. 2021 में ही ईंधन की कीमत 43 बार बढ़ चुकी है और महंगे होने के लगभग सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है. पढ़ें पूरी खबर

पेट्रोल और डीजल के दाम में 46 बार बढ़ोत्तरी हुई है (Photo : Getty) पेट्रोल और डीजल के दाम में 46 बार बढ़ोत्तरी हुई है (Photo : Getty)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2021,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST
  • देश के 135 शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के पार
  • पेट्रोल के दाम 2021 में बढ़े 10 रुपये से ज्यादा
  • सिर्फ चुनाव के दौरान 4 बार हुई दाम में कटौती

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज नया रिकॉर्ड बना रही हैं.  जनवरी से लेकर अब तक इनकी कीमतों में 43 बार बढ़ोत्तरी की जा चुकी है जबकि मात्र 4 बार इनकी कीमतों में मामूली कटौती हुई.

पेट्रोल 135 शहरों में 100 के पार
देश के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम बदलते रहते हैं. इसकी बड़ी वजह राज्यों की अलग-अलग वैट दर होना है. कई मामलों में किसी विशेष शहर से तेल डिपो की दूरी और मालभाड़ा भी इनके दाम तय करने में एक फैक्टर होते हैं. 

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अभी देश के 135 शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार जा चुकी है. इसमें अधिकतर शहर राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के हैं. देश में सबसे महंगा पेट्रोल राजस्थान के श्रीगंगानगर में मिलता है जहां से सबसे पास का तेल डिपो करीब 450 किलोमीटर दूर है. यहां पेट्रोल की कीमतें 106 रुपये प्रति लीटर तक को छू चुकी हैं.

5 महीने में इतना महंगा हुआ पेट्रोल
जनवरी 2021 की शुरुआत से अब तक पेट्रोल की कीमत में 10.78 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो चुकी है. जबकि डीजल की कीमत 11.51 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुकी है.

साल की शुरुआत में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 84 रुपये प्रति लीटर थी जिसमें अब तक 12.5% की बढ़ोत्तरी हो चुकी है. वहीं डीजल का दाम 74 रुपये प्रति लीटर के आसपास था जो अब 15.4% बढ़ चुका है. दिल्ली में 3 जून को पेट्रोल भाव 94.49 रुपये और डीजल भाव 85.38 रुपये प्रति लीटर रहा.

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भाव में बढ़त एक समान नहीं
पेट्रोल और डीजल के भाव में ये बढ़त एक समान तरीके से नहीं हुई है. जनवरी और फरवरी में ईंधन के क्रमश: 10 और 16 बार बढ़ाए गए. इसमें जनवरी में पेट्रोल 2.59 रुपये और फरवरी में 4.87 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ. इसी तरह डीजल के भाव जनवरी में 2.61 रुपये और फरवरी में 4.99 रुपये लीटर बढ़ गए. इन दो महीनों में एक बार भी दाम में कटौती नहीं हुई.

चुनावों के दौरान घटे दाम
अब बात मार्च और अप्रैल की करें तो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुच्चेरी के विधानसभा चुनावों के चलते ईंधन के दाम बिलकुल नहीं बढ़े. बल्कि मार्च में ईंधन के दाम 3 बार और अप्रैल में 1 बार कम हुए.
पेट्रोल के दाम मार्च में 61 पैसे, अप्रैल में 16 पैसे कम हुए. वहीं डीजल की कीमत मार्च में 60 पैसे और अप्रैल में 14 पैसे प्रति लीटर गिरी.

मई में बढ़े 16 बार दाम
विधानसभा चुनावों का परिणाम 2 मई को आया. इसके बाद से ईंधन के दाम 16 बार बढ़ चुके हैं. मई में पेट्रोल 3.83 रुपये और डीजल 4.42 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है. इसके अलावा 1 जून को भी इनकी कीमत बढ़ी है. इस तरह 2021 में ईंधन के दाम में 43 बार बढ़ोत्तरी हो चुकी है. 

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पेट्रोल-डीजल पर लगभग 60% टैक्स
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ना है. जनवरी में कच्चे तेल की कीमत 54.79 डॉलर प्रति बैरल थी जो मई में बढ़कर 66.95 डॉलर प्रति बैरल हो गई. इस तरह इसका भाव 22% बढ़ा है.

वहीं पेट्रोल और डीजल पर केन्द्र और राज्य सरकारें मिलाकर करीब 60% टैक्स वसूलती हैं. दिल्ली में पेट्रोल पर केन्द्र सरकार 32.90 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी लेती है जो इसकी रिटेल प्राइस का लगभग 35% है. वहीं राज्य सरकार 21.81 रुपये का वैट लेती है ये भी रिटेल प्राइस का 23% है.

इसी तरह डीजल पर टैक्स में केन्द्र की हिस्सेदारी 31.80 रुपये यानी रिटेल प्राइस का 37% और 12.50 रुपये का वैट यानी रिटेल प्राइस का करीब 14.6% राज्य सरकार वसूलती है.


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