
कोरोना की मार झेलने के बाद उत्तर प्रदेश लगातार डीजल और पेट्रोल के बढ़े दामों की मार झेल रहा है. यूपी में पिछले एक साल में डीजल के दामों में 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. अब इस बढ़ोतरी का असर और भी चीजों पर पड़ रहा है. जरूरी वस्तुओं को ट्रांसपोर्ट करने वाले ट्रकों का किराया भी बढ़ता जा रहा है. ट्रकों की मदद से इधर-उधर जाने वाले सरसों का तेल से लेकर दालें और चीनी भी महंगी हुई है.
जानकारों के मुताबिक, ट्रकों का माल भाड़ा पिछले एक साल में 30 रुपये तक बढ़ा है. पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी का असर यहीं तक सीमित नहीं है. जिन वस्तुओं का निर्यात होता है उनके दामों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है और बढ़ोतरी हो रही है.
300 किलोमीटर से ऊपर पर ट्रक भाड़ा बढ़ा
लखनऊ व्यापारी मंडल के अनुसार सरसों का तेल से लेकर दालें और चीनी भी महंगी हुई है. सरसों का तेल मार्च 2020 में 95 रुपये प्रति लीटर था, अब 160 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है, तो वहीं चीनी के दाम भी 4 से 5 रुपये बढ़े हैं. दालों में अरहर 75 रुपये किलो से 93 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है. तो वहीं मूंग दाल 80 रुपये किलो से 120 रुपये प्रति किलो मिल रही है. चना और मसूर दाल के दामों में भी पिछले एक साल में 20 रुपये की वृद्धि हुई है.
परिवहन विकास ट्रस्ट का कहना है कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, उसका सीधा असर ट्रकों में माल भाड़े पर पड़ा है. राजधानी लखनऊ की बात करें तो ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक भाड़े की बुकिंग प्रति क्विंटल 30 रुपये तक बढ़ गई है. अगर संबंधित ट्रक को 300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करनी है तो भाड़ा 30 रुपये तक बढ़ाया गया है.
जिलेवार समझने के लिए लखनऊ से वाराणसी पहले 150 रुपये प्रति क्विंटल की जगह 180 रुपये हो गया है. वहीं, लखनऊ से कोलकाता 300 से बढ़कर 330 रुपये. लखनऊ से गोरखपुर 120 रुपये से बढ़ाकर 150 और मुंबई पर 250 रुपये से 280 रुपये प्रति क्विंटल रेट बढ़ा है.