
भारतीय अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) ने मुंबई के स्लम एरिया धारावी (Dharavi) का कायाकल्प करने के लिए पहले बोली जीती और फिर बीते साल सितंबर महीने में इस काम को अंजाम देने के लिए एक नई कंपनी बनाई है. अब इस प्रोजेक्ट से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है कि अडानी ग्रुप (Adani Group) ने धारावी के पुनर्विकास के लिए एक ग्लोबल टीम का चयन किया है और इसके लिए मशहूर आर्किटेक्टर हफीज कॉन्ट्रैक्टर को जिम्मा सौंपा है.
हफीज कॉन्ट्रैक्टर को दी जा रही जिम्मेदारी
बिजनेस टुडे पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप की ओर से ऐलान किया गया है कि धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) के लिए आर्किटेक्ट हफीज कॉन्ट्रैक्टर (Hafeez Contractor) के साथ साझेदारी कर रही है. हफीज ने पुनर्विकास से जुड़ीं कई सोशल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, अमेरिकी डिजाइन फर्म सासाकी (Sasaki), और ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म बुरो हैपोल्ड (Buro Happold) के साथ करार किया है.
अडानी ने इस काम के लिए चुनी ग्लोबल टीम
गौरतलब है कि गौतम अडानी की कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज (Adani Properties) ने मुंबई के स्लम पुर्नवास प्राधिकरण (Mumbai Slum Rehabilitation Authority) के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वेंचर बनाया है, जिसके जरिए धारावी का रि-डेवलेपमेंट किया जाएगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ज्वाइंट वेंचन ने इस काम के लिए एक ग्लोबल टीम को रखा है, जो प्रोजेक्ट के बढ़ते विरोध के बीच एशिया की सबसे बड़ी मलिन बस्तियों में से एक धारावी के पुनर्विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है.
619 मिलियन डॉलर में जीती थी बोली
गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप ने धारावी स्लम एरिया के रि-डेवलपमेंट के लिए बीते साल जुलाई 2023 में बोली जीती थी. महाराष्ट्र सरकार ने अडानी की 619 मिलियन डॉलर की बोली को स्वीकार किया था. यहां बता दें कि Dharavi Slum, न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क के आकार का लगभग तीन-चौथाई है और इसका नजारा हॉलीवुड (Hollywood) डायरेक्टर डैनी बॉयल की ऑस्कर विजेता 2008 की फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' (Slumdog Millionaire) में दिखाया गया था.
10 लाख लोगों का बसेरा धारावी
Adani Group की ओर से धारावी के पुनर्विकास के लिए धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राइवेट लिमिटेड नामक ज्वाइंट वेंचर के गठन की पुष्टि करते हुए बताया गया था कि यह एरिया करीब 10 लाख लोगों के निवास स्थल है. मुंबई के केंद्र में स्थित इस एरिया में हजारों गरीब परिवार तंग क्वाटर्स में रह रहे हैं और इनमें से कई के पास शुद्ध पानी और साफ शौचालय तक नहीं है. इसके रिडेवलपमेंट का काम दशकों से लटका हुआ है. इसका पुनर्निर्माण एक बहुत बड़ा काम है, जिस पर पहली बार 1980 के दशक में विचार किया गया था.